BHU का दावा- कोरोना पॉजिटिव रह चुके लोगों को वैक्सीन का एक डोज काफी

Smart News Team, Last updated: Mon, 31st May 2021, 1:17 AM IST
  • बीएचयू के प्रो ज्ञानेश्वर चौबे और उनकी टीम ने एक शोध में पाया है, कि कोरोना वायरस संक्रमण से उभर चुके लोगों में वैक्सीन का एक टीका लगवाने पर ही तेजी से एंटीबॉडी बन जाता है. इस लिए कोविड से ठीक हो चुके लोगों के लिए वैक्सीन की एक ही डोज काफी है.
बीएचयू का यह शोध प्रसिद्ध अमेरिकन जर्नल साइंस इम्यूनोलॉजी में प्रकाशन होगा.(प्रतीकात्मक चित्र)

वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे और उनकी टीम ने 20 लोगों पर किए गए एक स्टडी से यह पाया कि कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके इन लोगों में टीकाकरण के बाद उनके शरीर में बहुत तेजी से एंटीबॉडी बनती है. वही जो लोग कोरोना से संक्रमित नहीं हुए हैं. उनके शरीर में एंटीबॉडी बनने में एक महीने तक समय लग जाता है.  इस रिसर्च को अमेरिका की जर्नल साइंस इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित होने की मंजूरी भी मिल गई है.

इस शोध में यह भी पाया गया कि कोविड से ठीक हुआ हुआ मरीज कुछ महीनों बाद एंटीबॉडी खो देता है. पर व्यक्ति के शरीर में पाए जाने वाली टी और बी कोशिका संक्रमण से लड़ने के लिए तेजी से इम्यूनिटी बनाने लगता है. इस विषय पर शोध करने वाले प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे और उनकी टीम ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक लेटर लिखकर अनुरोध किया है कि यदि देश के दो करोड़ लोग जो कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं.

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उनको वैक्सीन की केवल एक ही डोज दी जाए तो देश के वैक्सीनेशन के लिए हो रही वैक्सीन की कमी को कम किया जा सकता है. प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे के साथ इस रिसर्च टीम में जंतु विज्ञान विभागकी डॉ प्रज्ज्वल सिंह , न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफ़ेसर बीएन मिश्रा, डॉ प्रवण गुप्ता, प्रोफ़ेसर अभिषेक पाठक ने गहन शोध कार्य किया है.

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