हॉस्टल-लाइब्रेरी खोलने की मांग पर धरना दे रहे बीएचयू छात्र दो गुट में बंटे

Smart News Team, Last updated: 11/12/2020 09:53 PM IST
  • हॉस्टल और लाइब्रेरी खोलने की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्र दो गुट में बंटे. एक गुट ने धरना खत्म कर दिया है और दिव्यांग संतोष त्रिपाठी समेत अन्य छात्र अब भी धरना दे रहे हैं.
हाॅस्टल और लाइब्रेरी खोलने की मांग को लेकर बीएचयू के छात्र कुलपति आवास पर एक हफ्ते से धरना दे रहे हैं.

वाराणसी. हॉस्टल और लाइब्रेरी खोलने की मांग को लेकर एक सप्ताह से धरने पर बैठे बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के छात्र दो गुट में बंट गए हैं. एक गुट धरना खत्म करने के पक्ष में है और धरना से उठ गया है जबकि कुछ छात्र अभी भी धरना दे रहे हैं. आपको बता दें, इससे पहले देर रात सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों पर लाठी भांजी. जिसमें आधा दर्जन छात्र घायल हो गए हैं.

पिछले एक हफ्ते से छात्र हाॅस्टल और लाइब्रेरी खोलने की मांग को लेकर कुलपति आवास पर धरने पर बैठे हैं. शुक्रवार को धरने दे रहे छात्रों के बीच दो गुट हो गए हैं. एक गुट धरना देने के पक्ष में है और धरना खत्म करने के पक्ष में है. शुक्रवार को पांच छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल कुलपति से मुलाकात की.

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कुलपित ने मुलाकात में छात्रों को आश्वासन दिया. जिसके बाद छात्रों को एक गुट ने धरना खत्म कर दिया है. वहीं दिव्यांग छात्र संतोष त्रिपाठी समेत अन्य छात्र अभी धरना दे रहे हैं. इससे पहले कुलपति के आवास के बाहर धरना दे रहे छात्रों से चीफ प्राॅक्टर से दो बार हुई बातचीज बेनतीजा रही. देर रात एसडीएम धरनास्थल पर छात्रों को समझाने पहुंचे और छात्रों को इस मामले पर कुलपति से बात करने का आश्वासन दिया.

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जिसके बाद देर शाम विश्वविद्यालय ने लिखित रूप से कह दिया कि अभी हाॅस्टल और लाइब्रेरी नहीं खुलेगी. छात्र देर रात तक नारेबाजी करते रहे. जिसके बाद देर रात ढाई बजे सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया. जिसमें आधा दर्जन छात्र घायल हो गए. इससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया. लगभग दो घंटे बाद हालात सामान्य हुए.

 

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