शिवाश्रय एग्रो लिमिटेड को लैब उपलब्ध कराएगा बीएचयू आईआईटी, अलसी से बनेगी दवाई

Smart News Team, Last updated: Mon, 1st Feb 2021, 3:27 PM IST
  • किसानों ने सरकारी मदद से गाजीपुर में किसान उत्पादक संगठन बनाया है. जिसके प्रमुख गाजीपुर के विकासशील किसान डॉ. राम कुमार राय की अगुवाई में किसानों ने अलसी से ओमेगा दवाई बनाने का फैसला लिया गया है.
बीएचयू आईआईटी 

वाराणसी. गाजीपुर के किसान उत्पादक संगठन की ओर से स्थापित की जा रही शिवाश्रय एग्रो लिमिटेड कंपनी को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय आईआईटी प्रयोगशाला उपलब्ध कराएगी. इस कंपनी में अलसी के तेल की दवाई बनाने पर कार्य किया जाएगा. इसके लिए आईआईटी बीएचयू के साथ करार प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.

बता दें कि गाजीपुर जिले की करइल मिट्टी होने की वजह से यहां बड़े पैमाने पर किसान अलसी की खेती करते हैं. इन किसानों ने सरकारी मदद से अपना एक किसान उत्पादक संगठन बनाया हुआ है. इस संगठन में क्षेत्र भर के 627 किसान जुड़े हुए हैं. संगठन के प्रमुख गाजीपुर के विकासशील किसान डॉ राम कुमार राय की अगुवाई में किसानों ने अलसी से ओमेगा दवाई बनाने का निर्णय लिया है. इसके लिए किसान शिवाश्रय एग्रो लिमिटेड नाम की कंपनी स्थापित कर रहे हैं. इस कंपनी में ओमेगा कैप्सूल बनाया जाएगा. इस कैप्सूल को बनाने के लिए कंपनी ने आईआईटी बीएचयू से अपनी लैब उपलब्ध कराने को लेकर समझौता किया है.

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इस पूरी परियोजना पर 2500000 रुपए की लागत आएगी. इस लागत राशि का भार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना रफ्तार के माध्यम से केंद्र सरकार उठाएगी. प्रगतिशील किसान एवं शिवाश्रय एग्रो लिमिटेड के सूत्रधार डॉ रामकुमार ने बताया कि उनकी कंपनी से तैयार होने वाला ओमेगा कैप्सूल बाजार में उपलब्ध अन्य ओमेगा कैप्सूल के मुकाबले आधे कीमत पर मिलेगा. शुरुआती दौर में प्रति कैप्सूल की लागत तकरीबन 4 आएगी. शॉप कैप्सूलों की पैकिंग पर 100 अतिरिक्त बाहर आएगा. बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा तो लागत घटकर दो से ढाई रुपए प्रति कैप्सूल की होगी. हम अपने उत्पाद को ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगे.

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