Cyber Fraud: इस App से मालिक के अकाउंट से कैशियर ने उड़ाए आठ लाख, गिरफ्तार

Prince Sonker, Last updated: Sat, 2nd Oct 2021, 6:30 PM IST
  • साइबर क्राइम पुलिस ने फ्रीचार्ज एप के जरिए सेंधमारी कर फर्म मालिक के बैंक खाते से करीब आठ लाख रुपए निकालने वाले कैशियर को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के पास से 17,900 रुपए, मोबाइल और एटीएम बरामद हुए हैं.
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी कैशियर 

वाराणसी. साइबर क्राइम पुलिस ने फ्रीचार्ज एप का उपयोग कर अपने ही मालिक की फर्म के बैंक खाते से करीबआठ लाख निकालने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है. इस प्रकरण में फर्म के मालिक चंद्रमणि जायसवाल ने बीते जून माह में साइबर थाने में मामला दर्ज कराया था. साइबर पुलिस की जांच-पड़ताल में फर्म का कैशियर ही शातिर निकला. पुलिस ने गुरुवार की रात खुशहालनगर निवासी सौरव  कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के बाद जेल भेज दिया. पुलिस ने उसके कब्जे से 17,900 रुपए नकद, मोबाइल और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं.

साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक राहुल शुक्ला ने बताया कि 9 जून को नई बस्ती,पांडेयपुर निवासी चंद्रमणि जायसवाल ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके अकेला ट्रेडर्स फर्म के बैंक खाते से एक अप्रैल से 31 मई 2021 के बीच 7,90,450 रुपए अवैध रूप से साइबर अपराधियों ने निकाले हैं. मामले की जांच एसआई सुनील कुमार यादव ने शुरू की.

कैशियर ही निकला शातिर

मामले की जांच के दौरान जब एसआई सुनील कुमार ने बैंक से संपर्क कर सभी बैंक ट्रांजेक्शन के विवरण की जानकारी ली तब पता चला कि अपराध में फर्म के ही कैशियर सौरव कुमार सिंह का ही हाथ है. इसके बाद मुखबिर की सूचना पर साइबर क्राइम पुलिस ने गुरुवार की रात करीब नौ बजे नटनियादाई मंदिर के पास से आरोपी सौरव को धर दबोचा. पुलिस की सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया.

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परिचितों के खातों में ट्रांसफर की रकम

पुलिस की पूछताछ में आरोपी सौरव ने बताया कि वह इंटर पास है. बाबतपुर में चंद्रमणि के अकेला ट्रेडर्स में दिसंबर 2020 से वह नौकरी कर रहा है. सौरव यहां गाड़ियों की फिटनेस फीस, इंश्योरेंस फीस, रजिस्ट्रेशन फीस और परमिट फीस वगैरह ऑनलाइन जमा करता था. धीरे-धीरे उसे कंपनी के खाता संख्या,आईडी,पासवर्ड से संबंधित सभी जानकारी हो गई. वह कंपनी के ऑनलाइन जमा और कैश का हिसाब किताब रखता था. आरोपी ने बताया कि उसके ऊपर कई लोगों का कर्ज था जिसकी वजह से वह लालच में आ गया. उसने अपने मालिक को बिना सूचना दिए अपने मोबाइल में फ्रीचार्ज एप डाउनलोड कर लिया और उसे फर्म के एसबीआई खाते से जोड़ लिया. उसने धीरे-धीरे बैंक से पैसे ट्रांसफर कर अपने वॉलेट में लेना शुरू कर दिया. इसके बाद इन पैसों को वह अपने परिचितों और रिश्तेदारों के बैंक खातों या वॉलेट में ट्रांसफर कर देता था. फिर बाद में वह उनसे पैसे नकद ले लेता था या अपने खाते में ट्रांसफर करा लेता था. इस तरह उसने कुछ दिनों में फर्म के बैंक खाते से 7,90,450 रुपए उड़ा दिए.

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कर्ज और शौक में खर्च कर दिए सब पैसे

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि इन सब के अलावा भी कभी-कभी ग्राहकों द्वारा दिया जाने वाले पैसे भी वह कंपनी में जमा नहीं करता था बल्कि खुद ही रख लेता था. इस तरह उसने करीब आठ लाख रुपए कंपनी से उड़ा लिए. उसने गबन किए गए पैसों का उपयोग कर्ज चुकाने, ऑनलाइन गेम खेलने और खाने पीने में खर्च कर दिए

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