वाराणसी: दुर्गापूजा और रामलीला समितियों को करना होगा कोरोना गाइडलाइन का पालन

Smart News Team, Last updated: 14/10/2020 07:15 PM IST
  • कोविड-19 के चलते इस बार दुर्गापूजा और रामलीला कमेटियों को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी कोरोना नियमो के अंतरगर्त ही कार्यक्रमों को करना होगा.
दुर्गा पूजा पंडाल समिति व रामलीला समिति के लोगों के साथ बैठक करते जिलाधिकारी 

वाराणसी. कोरोना के चलते जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक संग कैम्प कार्यालय में बैठक की. इस बैठक में जिले के सभी दुर्गापूजा एवं रामलीला समितियों के पदाधिकारियों मौजूद थे. कोविड-19 को देखते हुए शासन ने सभी दुर्गापूजा समितियों को कोरोना के दिशा-निर्देशों के अनुसार दुर्गापूजा एवं रामलीला आयोजित करने की जानकारी दी.

कार्तिक माह में दुर्गापूजा एवं दशहरा के अवसर पर जिले में विभिन्न समितियों द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना किया जाता है एवं दशमी के दिन रावण का पुतला दहन करने की परम्परा निभाई जाती है. इस धार्मिक परम्परा में अपार भीड़ द्वारा दुर्गा पूजा एवं दर्शन तथा रावण पुतला दहन देखने का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है.

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दुर्गापूजा के लिए नियम

जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक रूप से सड़कों और चौराहों पर कोई पंडाल नहीं लगाया जायेगा. सड़क से हट कर कुछ दुरी पर शासन द्वारा निर्धारित साइज़ का पंडाल ही लगाया जाय. उन्होंने कहा कि शासन ने कोरोना महामारी से सुरक्षित रहते हुए सीमित तरीके से त्योहार मनाने की अनुमति दी है. जिसमें 15x15 फिट के तीन चांदनी लगाने की अनुमति, खुली जगह पर एक समय में 100 से अधिक लोगों को इकट्ठा न होने, बंद परिसर में अधिकतम 200 लोगों की अनुमति तथा पांच फिट ऊंची तथा पांच फिट तक चौड़ी मूर्ति स्थापित करने की अनुमति दी गई है. पंडाल में प्रवेश और निकास की व्यवस्था अलग-अलग किया जायेगा, पंडाल चारों ओर से खुला न हो. प्रवेश द्वार पर स्कैनर से जांच कर अन्दर जाने दें, और किसी बीमार को प्रवेश न दिया जाए. समितियों को पंडाल में भीड़ नियंत्रित करने के लिए अपने वालंटियर रखना होगा जो नेम प्लेट लगा कर सेवा देंगे. पंडाल में लाउडस्पीकर पर भजन संगीत के अलावा कोरोना से बचाव हेतु प्रसारण भी किया जायेगा.

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सार्वजनिक रूप से भोज आदि का कोई आयोजन प्रतिबंधित रहेगा. सभी समितियों के पदाधिकारियों को कहा गया कि गुरूवार तक सम्बंधित थाने पर मूर्ति एवं कलश स्थापना का स्थान, स्थल की क्षमता विसर्जन की तिथि आदि की सूचना अवश्य जमा करा दें. ताकि थाने से विसर्जन का क्रम निर्धारित कर दिया जाये और उसी के अनुसार विसर्जन किया जा सके. विसर्जन के लिए केवल एक छोटी गाड़ी टाटा मैजिक की अनुमति दी गई है जिस पर मूर्ति विसर्जन किया जायेगा तथा बड़े डीजे गाड़ी पर न लगाने का निर्देश दिया गया. मूर्ति विसर्जन में अधिकतम 10 लोग जा सकेंगे. अबीर गुलाल उड़ाना और नाच गाना प्रतिबंधित रहेगा.

रामलीला के लिए नियम

रामलीला समितियों की बैठक में पदाधिकारियों को बताया गया कि दुर्गापूजा के नियम ही रामलीला के लिए लागू रहेंगे. जिसमें खुले स्थान पर अधिकतम 100 लोग तथा बंद परिसर में 200 लोग ही आयोजन में इकट्ठा हो सकते हैं. रामलीला समितियों को अपने वालंटियर लगाकर भीड़ नियंत्रित करने तथा सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क आदि का पालन कराये जाने का कार्य किया जायेगा.

डीएलडब्ल्यू तथा रामनगर रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि रावण का पुतला दहन नहीं किया जायेगा। केवल रामायण पाठ कराया जायेगा. कोरोना के चलते भरत मिलाप और नक्कटैया का कार्यक्रम भी समितियों द्वारा निरस्त कर दिया गया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी समितियां अपने अपने प्लान लिख कर उपलब्ध करायेंगे जिसमें स्थान का नाम, स्थल की क्षमता, वालंटियर की सूची आदि के विवरण हों. जिससे पुलिस बल तैनात किया जा सके. जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिला प्रशासन आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे नगर निगम व पंचायत विभाग द्वारा साफ सफाई, सुचारू विद्युत आपूर्ति आदि करायेगा.

 

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