BHU में भारतीय संस्कृति को समझने के लिए शुरू होगा देश का पहला हिंदू अध्ययन कोर्स

Smart News Team, Last updated: Fri, 20th Aug 2021, 7:46 PM IST
  • बीएचयू में देश का पहला हिंदू अध्ययन कोर्स शुरू किया गया है. जिससे विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति समझने में मदद मिलेगी. इस कोर्स की मदद से विद्यार्थी हिंदू धर्म को साइंटिफिक नजरिए से समझेंगे.
BHU में भारतीय संस्कृति को समझने के लिए शुरू होगा देश का पहला हिंदू अध्ययन कोर्स (फाइल फौटौ)

वाराणसी: बीएचयू में देश का पहला हिंदू अध्ययन कोर्स शुरू किया गया है. जिससे विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति समझने में मदद मिलेगी. इस कोर्स की मदद से विद्यार्थी हिंदू धर्म को साइंटिफिक नजरिए से समझेंगे. यह कोर्स 2 साल के लिए होगा और फिलहाल इस कोर्स में केवल 40 सीटें होंगी. यह कोर्स बीएचयू में इसी साल से शुरू होगा. इसका ऑनलाइन फॉर्म 7 सितंबर से भरा जाएगा और इसका एंट्रेंस एग्जाम 3 अक्टूबर को होगा. 

वहीं इस कोर्स में देशी छात्र के अलावा विदेशी छात्र भी एडमिशन ले सकेंगे. इस कोर्स में 4 सेमेस्टर होंगे और 16 पाठ्यक्रम होंगे. जिनमें नौ पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से होंगे जबकि साथ वैकल्पिक पाठ्यक्रम होंगे. इस कोर्स में 22 वर्ष से लेकर 45 वर्ष के छात्र एडमिशन ले सकते हैं. 

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इस कोर्स को पढ़ाने वाले जुगल किशोर मिश्र ने कहा कि "ऋग्वेद बहुत प्राचीन है और उसका प्रभाव विश्व की सभी संस्कृतियों पर पड़ना स्वाभाविक है. जब अन्य संस्कृतियों का उदय हुआ और ऐतिहासिक और तुलनात्मक अध्ययन सामने आए. जिसके बाद दूसरी संस्कृतियों ने भारतीय संस्कृति पर आक्षेप करना शुरू कर दिया. इसलिए यह बहुत जरूरी हो गया है कि हम हिंदू पाठ्यक्रम की शुरुआत करें. हमारे चिंतन किसी स्थान और काल के लिए नहीं है. यह पूरे विश्व के लिए हैं. हमारा चिंतन केवल देश विदेश तक ही सीमित नहीं है. मानवता के कल्याण के लिए है. इसलिए हमारा दायित्व यह भी है कि सनातन धर्म के जरिए मानवता की भलाई की जाए."

बीएचयू के कुलपति वीके शुक्ला ने कहा कि "पाश्चात्य देशों में क्रिश्चियन धर्म के लिए कोर्स चलता है. इस्लामिक देशों में इस्लाम को लेकर चलता है. लेकिन, हम हमारे भारत देश में हिंदू स्टडी पर कोई कोर्स नहीं था. इसलिए हमारी सरकार शिक्षा मंत्रालय के प्रयासों से 2 साल का कोर्स शुरू होगा. 16 कोर्स का पूरा कोर्स होगा इसमें सभी फील्ड के बच्चे किसी भी स्ट्रीम के व्यक्ति मिशन ले सकते हैं. जिस तरीके से भारत का नाम दुनिया में बढ़ रहा है. अभी जरूरी हो गया है कि लोग हिंदू विषम को हिंदुत्व को अच्छी तरीके से जाने. इस कोर्स को फिलासफी डिपार्टमेंट, संस्कृत आर्कियोलॉजी, वैदिक वेद विज्ञान, भारत अध्ययन केंद्र स्कूल को चलाएंगे."

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