वाराणसी: 9 साल के लड़के का शव स्कूल के पीछे मिला, 4 दिन से सारनाथ से था लापता

Smart News Team, Last updated: Mon, 1st Feb 2021, 3:26 PM IST
  • सारनाथ से चार दिन से लापता नौ साल के लड़के का स्कूल के पीछे शव मिला. मृत लड़का पिछले 29 जनवरी को घर से हाथी देखने के लिए निकला था लेकिन उसका अपहरण हो गया. जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में बच्चे के अगवा होने की रिपोर्ट दर्ज करवाया था.
वाराणसी: 9 साल के लड़के का शव स्कूल के पीछे मिला, 4 दिन से सारनाथ से था लापता

वाराणसी. सारनाथ में एक 9 साल के बच्चे का बदमाशों ने अपहरण कर लिया. वहीं फिरौती की रकम भी मांगी लेकिन जब बच्चे का पिता फिरौती में मांगी गई रकम को लेकर पंहुचा तो अपहरणकर्ता रुपए लेने के लिए पहुंचे ही नहीं. जिसके बाद अगवा हुए बच्चे के परिजनों ने थाने में इसकी रिपोर्ट लिखवाई. बताया जा रहा है की बच्चा 29 जनवरी से ही गायब है. वह अपने घर से हाथे देखने के लिए निकला था और वह घर वापस नहीं लौटा. वहीं विशाल का शव एक स्कूल के पीछे मिला है.

जानकरी के अनुसार पैगम्बरपुर के पंचकोशी के निवासी मंजे कुमार बारात में सजावट का काम करते है. जिनका एक नौ वर्षीय विशाल कुमार पुत्र है. जो पास के ही पैगम्बरपुर प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 4 का छात्र है. परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को घर के पास हाथी आया था. जिसे देखने के लिए विशाल घर से निकला था. जिसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा

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परिजनों ने आगे बताया कि जब विशाल घर वापस नहीं लौटा तो उन्होंने ने उसकी तलाश की फिर भी उसका कोई अत पता नहीं चला. वहीं उसके अगवा होने के दूसरे दिन घर में कोई पत्र फेंकर भाग गया. उस पत्र में लिखा था कि अगर बताए गए पटे पर 50 हजार लेकर नहीं पहुंचे तो लड़के को मार दिया जाएगा. अगवा लड़के के पिता ने रुपए लिए और पत्र में लिखे पते के अनुसार अपने परिवार और रिश्तेदार के साथ चौबेपुर पहुंचे, लेकिन लड़के को अगवा करने वाला वहां पर नहीं पंहुचा. 

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जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में अपने बेटे के अगवा होने की रिपोर्ट लिखवाई. साथ ही उन्होंने ने विशाल के अगवा होने का भी आरोप लगाया है. वहीं पुलिस का कहना है कि इस मामले में धारा 363 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही बच्चे को अगवा करने वाले की तलाश की जा रही है. वहीं अभी तक फिरौती के लिए पत्र लिखकर घर में फेंकने वाले की कोई पुष्टि नहीं हुई है. वहीं बच्चे की खबर परिजनों को मिलने के बाद घर में मातम छा गया है. विशाल के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया है.

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