विकास के नाम पर सर्वाधिक खर्च करने वाली ग्राम पंचायतों में ऑडिट टीम ने डाला डेरा

Smart News Team, Last updated: Wed, 3rd Feb 2021, 12:43 PM IST
  • ग्राम पंचायतों में हवा हवाई हो रहे विकास कार्यों की परख करने के लिए मंडलीय आडिट टीम ने मऊ जिले में डेरा जमा लिया है. तीन सदस्य मंडली आदित्य ने ग्राम पंचायतों के अभिलेख खंगालने शुरू कर दिए हैं.
पंचायत चुनाव (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वाराणसी : उत्तर प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों का कार्यकाल गत 25 दिसंबर की रात 12:00 बजे समाप्त हो गया था. कार्यकाल समाप्त होते ही ग्राम पंचायतों की ओर से सरकारी धन को इधर उधर करने का खेल शुरू हो गया था. कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद निवर्तमान हुए ग्राम प्रधानों ने ग्राम सचिवों से सांठगांठ कर दिसंबर माह के अंतिम दिनों में केवल ग्राम पंचायत के निधि से विकास के नाम पर धन निकालने का ही कार्य किया. ग्राम पंचायतों की ग्राम नदी में इस कदर हुई लूट खसोट को शासन ने गंभीरता से लेते हुए मंडली टीम गठित कर जांच के आदेश जारी किए थे. 

इसी बिनाह पर मंगलवार को ग्राम पंचायतों में ग्राम निधि की धनराशि में अनियमितता किए जाने की शिकायत पर शासन की ओर से उपनिदेशक राजा राम जियावन के नेतृत्व में 3 सदस्य जांच टीम मंगलवार को मऊ जिला मुख्यालय पर पहुंची. आवश्यक खानापूर्ति करने के बाद जांच टीम ने परदहा विकासखंड क्षेत्र के जिला ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया. ग्राम निधि के माध्यम से कराए गए विकास कार्यों के अभिलेखों को भी जांच टीम ने गहराई से परखा. 

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इस ग्राम पंचायत में दिसंबर 2020 में ग्राम निधि से 35.93 लाख रुपए विकास के नाम पर खाते से निकाले गए हैं. जांच टीम ने से कराए गए कार्यों का ग्राम पंचायत क्षेत्र में घूम कर भौतिक सत्यापन किया. उसके बाद इससे संबंधित अभिलेख भी खंगाले. मंडलीय जांच टीम ने ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों के भौतिक सत्यापन के दौरान इंटरलॉकिंग सड़क पर प्रयोग में लाई गई सीमेंटेड ईट को भी सैंपल के तौर पर अपने पास सुरक्षित रख लिया है. पिंजड़ा ग्राम पंचायत की जांच करने के बाद जांच टीम ने अगला रुख ग्राम पंचायत बड़रांव की ओर किया है. इस ग्राम पंचायत में भी जांच टीम ग्राम निधि में आए स्वच्छता पेयजल के मद में केंद्रीय 14 वा वित्त एवं परिसंपत्तियों की रखरखाव के लिए राज्य सरकार से मिले राज्य वित्त की पूरी धनराशि के खर्च की जांच करेगी. 

बता दें कि मऊ जिले की कुल 671 ग्राम पंचायतों में से 597 ग्राम पंचायतों में लगभग 30 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ है. जिले की पंचायत ग्राम पंचायतों से तकरीबन 5 करोड़ रुपए की धनराशि विकास के नाम पर निकाली गई है. जिले में सबसे अधिक ग्राम निधि से दिसंबर माह में पैसा निकालने वाली ग्राम पंचायतों में से 44.56 लाख रुपए जिले के बड़रांव विकासखंड के अमिला ग्राम पंचायत से निकाले गए हैं. जबकि परदहा विकासखंड के पिंजड़ा ग्राम पंचायत से 35.93 लाख रुपए तथा फतहपुर मंडाव विकासखंड के मीरपुर मुतलका दरियाबाद ग्राम पंचायत से 30.03 लाख रुपए ग्राम पंचायत की निधि से विकास के नाम पर निकाले गए हैं. मंडलीय टीम इन्हीं ग्राम पंचायतों की जांच कर रिपोर्ट मंडल आयुक्त को सौंपेगी.

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