बचपन से व्हीलचेयर पर हैं दिव्यांग अक्षत व रोली, उपचार को नरेंद्र मोदी से फरियाद

Smart News Team, Last updated: Sun, 21st Feb 2021, 2:39 PM IST
  • अक्षत और रोली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी बीमारी के बारे में जानकारी दी है और अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए उनसे इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है.
फाइल फोटो

वाराणसी. स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी रोग से पीड़ित होकर बचपन से ही व्हील चेयर पर अपनी जिंदगी ढो रही रोली और उसके भाई अक्षत ने अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्र भेजा है. प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में रोली ने लिखा है कि साल 1997 से वह और उसका भाई व्हील चेयर पर अपनी जिंदगी काट रही है. 

डॉक्टरों ने उसे स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी रोग बताया है. इस रोग के कारण पूरे शरीर में ऊर्जा संचित ना हो पाने की वजह से मांसपेशियां काफी कमजोर हो गई हैं. इस वजह से मैं और मेरा भाई अक्षत चलने फिरने में असमर्थ है. गुरूबाग वाराणसी के हम लोग रहने वाले हैं. डैडी रोहित रस्तोगी और मां अंशुमा रस्तोगी बीएचयू अस्पताल से लेकर मुंबई, उदयपुर, चित्रकूट और लखनऊ के एसपीजीआई अस्पताल का इलाज करा कर टूट चुके हैं. 

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एसपीजीआई लखनऊ कि डॉक्टर शुभा फड़के ने इस रोग के लिए अमेरिका में बनने वाली दवा स्पिनराज एवं रिस्डिप्लाम लेने की सलाह दी है. लेकिन यह दवा महंगी होने के कारण मम्मी और डैडी इसका खर्च उठाने में असमर्थ है. अब आप से ही उम्मीद है. प्लीज हमारा इलाज करवा दीजिए. प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में रोली ने यह भी बताया कि साल 2019 में वाराणसी आगमन पर उनके पिताजी ने पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी इलाज कराने के वास्ते पत्र सौंपा गया था.

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