स्कूलों को खोलने के विचार पर अभिभावक बोले, अभी स्कूल न खोलें

Smart News Team, Last updated: 08/10/2020 09:31 PM IST
  • कोरोना महामारी के चलते मार्च माह से बंद देशभर के माध्यमिक विद्यालयों को अनलॉक फाइव में सरकार खोलने की तैयारी कर रही है वाराणसी मंडल के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के अभिभावकों से किए गए सर्वे मैं ज्यादातर अभिभावकों ने माध्यमिक विद्यालय खोले जाने के निर्णय को जल्दबाजी करार दे रहे हैं.
माध्यमिक विद्यालयों को अनलॉक फाइव में सरकार खोलने की तैयारी कर रही है

वाराणसी| वाराणसी मंडल के अंतर्गत आने वाले चंदौली गाजीपुर जौनपुर वाराणसी जनपदों में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद से संबंध 2272 माध्यमिक विद्यालय संचालित है इन विद्यालयों में 1121 57 96 15 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं. अनलॉक फाइव मैं केंद्रीय शिक्षा बोर्ड नई दिल्ली ने आगामी 15 अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से माध्यमिक विद्यालयों को खोलने का फरमान जारी किया है.

माध्यमिक विद्यालय खोलने के प्रथम चरण में सरकार ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्र छात्राओं को स्कूल में अध्ययन करने की अनुमति प्रदान की है. सरकार ने छात्र छात्राओं के विद्यालय आने से पहले अभिभावकों से इसको लेकर फीडबैक मांगा है. इस क्रम में वाराणसी मंडल के अंतर्गत आने वाले जनपद चंदौली जौनपुर गाजीपुर व वाराणसी के जिला विद्यालय निरीक्षकों के आदेश पर माध्यमिक विद्यालयों की ओर से अभिभावकों की रायशुमारी ली गई. अभिभावकों के किए गए सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य निकलकर सामने आए है. इसमें ज्यादातर अभिभावकों ने माध्यमिक विद्यालय खोले जाने को लेकर सरकार का जल्दबाजी पूर्ण निर्णय करार दिया है.

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माध्यमिक विद्यालयों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से लिए गए सर्वे के अनुसार वाराणसी जिले के 406 माध्यमिक विद्यालयों में पंजीकृत 590 407 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 39.99 फीसदी अभिभावकों ने ही अपनी सहमति दी है. जबकि मंडल के अन्य जनपद चंदौली के 3.61, जौनपुर के 1.31 तथा गाजीपुर के 46.90 छात्रों के अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए माध्यमिक विद्यालयों को अपनी सहमति प्रदान की है. जबकि पूरे मंडल में 70 फ़ीसदी से अधिक अभिभावकों ने सरकार के इस निर्णय को जल्दबाजी पूर्ण ठहराया है.

संयुक्त शिक्षा निदेशक अजय कुमार द्विवेदी बताते हैं कि छात्र छात्राओं को विद्यालय भेजने के लिए अभिभावक स्वतंत्र हैं. बताया कि छात्रों के स्कूल आने को लेकर अभिभावकों की सर्वे रिपोर्ट को बोर्ड के माध्यम से सरकार को भेजा जा रहा है अंतिम निर्णय सरकार का होगा.

 

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