धान खरीद पर योगी के कड़े तेवरों का असर, बनारस कलेक्टर का क्रय केन्द्र पर छापा

Smart News Team, Last updated: Tue, 20th Oct 2020, 9:24 PM IST
  • आज शाम को यूपी के मुख्यमंत्री ने धान खरीद के लिए जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी थमाई थी. उसका असर भी दिखने लगा है. देर शाम जिलाधिकारी वाराणसी ने एक धान क्रय केन्द्र पर अचानक छापा मारा और अव्यवस्थाओं को दूर करने की ताकीद की.
डीएम कौशलराज शर्मा ने गांव खुर्द बगिया, बड़ागांव के धान क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया.

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीखे तेवरों का असर दिखने लगा है. धान खरीद की जिम्मेदारी कलेक्टरों को देने के आदेश के कुछ ही घण्टे बीते थे कि वाराणसी में इसकी धमक सुनाई दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनावी क्षेत्र वाराणसी के जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने आज ही गांव खुर्द बगिया, बड़ागांव के धान क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण कर डाला. जिलाधिकारी ने क्रय केन्द्र के इलेक्ट्रानिक तराजू की जांच की और अव्यवस्थाओं को जल्द सही करने की ताकीद भी की.

दरअसल, यूपी में चल रही धान खरीद को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने आज कड़ा फैसला लिया था. सीएम ने धान खरीद और किसानों को उचित मूल्य दिलवाने के लिए कलेक्टरों को जिम्मेदार बनाया था. बाकायदा वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सूबे के सभी जिलाधिकारियों को ये निर्देश मुख्यमंत्री की तरफ से दिये गये थे. योगी ने साफ-साफ कहा था कि किसानों के धान की समय से खरीद और पूरा समर्थन मूल्य मिले ये जिलाधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी. किसी भी जिले या मण्डल में कोई भी अधिकारी यदि इसमें लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के आदेश भी सीएम योगी की तरफ से दिये गये थे.

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इस दौरान योगी सरकार की तरफ से धान खरीद के आंकड़े भी जारी किये गये थे. आंकड़ों के अनुसार यूपी में अब तक 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद कर ली गई है. पिछले साल आज की तारीख तक 10 हजार मीट्रिक टन ही धान खरीद हो सकी थी. इस साल यूपी की योगी सरकार ने अपना ही बनाया रिकॉर्ड बड़े अंतर से तोड़ दिया है.

गौरतलब है कि बीते दिनों योगी सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में धान खरीद को लेकर प्रस्ताव पास कराए थे. नई धान खरीद नीति में किसानों को मिलने वाली धुलाई, छंटाई आदि में 20 रुपये की छूट के साथ ही मिलों को 30 दिन के अंदर चावल तैयार करने पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाने की बात कही गई थी.

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बता दें कि योगी सरकार ने धान खरीद को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था को आधार कार्ड और जमीन के कागजात से जोड़ा है. इसके साथ ही किसानों को अब आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है. चेक से भुगतान और बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर दिया गया है.

 

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