वाराणसी : गाजीपुर जिले में 141 साल बाद दौड़ी इलेक्ट्रिक इंजन की रेलगाड़ी

Smart News Team, Last updated: Tue, 2nd Feb 2021, 8:59 PM IST
  • पहले भाप इंजन, इसके बाद डीजल इंजन, 141 साल बाद अब इलेक्ट्रिक इंजन से रेलगाड़ी संचालित होने पर गाजीपुर जिले के लोग गदगद हैं. सोमवार को पहली बार ताड़ीघाट ट्रेन का विद्युत इंजन से परिचालन होने पर गाजीपुर के लोग खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं.
गाजीपुर जिले में 141 साल बाद दौड़ी इलेक्ट्रिक इंजन की रेलगाड़ी (फाइल तस्वीर)

वाराणसी : कोलकाता से गंगा नदी पर जहाजों के माध्यम से माल परिवहन करने के उद्देश्य से ब्रिटिश हुकूमत ने साल 1880 में गाजीपुर के दिलदारनगर ताड़ीघाट रेलखंड का निर्माण कराया था. ब्रिटिश शासन काल में इस रेलखंड मार्ग पर भाप इंजन से रेलगाड़ी संचालित हुआ करती थी. साल 1990 में इस रेलखंड की छोटी लाइन को बड़ी लाइन में परिवर्तित किया गया तो भाप इंजन की जगह डीजल इंजन की रेलगाड़ी इस लाइन पर संचालित होने लगी. 

गत 14 अगस्त 2020 को रेल संरक्षा आयुक्त पूर्वी परिमंडल ए एम चौधरी ने इस रेलखंड मार्ग का निरीक्षण किया निरीक्षण के बाद इस रेलखंड पर बिजली इंजन से ट्रेन को संचालित करने के निर्देश दिए. रेल संरक्षा आयुक्त पूर्वी परिमंडल की ओर से बिजली इंजन चलाए जाने की स्वीकृति मिलने के बाद इस लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर पूरा किया जाने लगा. 

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इस रेलखंड मार्ग पर विद्युतीकरण कार्य पूरा हो जाने के बाद सोमवार को ताड़ीघाट ट्रेन को विद्युत इंजन से संबंध किया गया और इसे रवाना किया गया. सोमवार को पहली बार विद्युत इंजन की पैसेंजर ट्रेन का चलना गाजीपुर के लोगों के लिए आश्चर्य से कम ना था. आने वाले समय में इस रेलखंड मार्ग पर मेल व एक्सप्रेस ट्रेन भी दौड़ती नजर आएंगी.

 

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