वाराणसी : उदय प्रताप कॉलेज प्रबंध समिति के वित्तीय अधिकार सीज

Smart News Team, Last updated: Tue, 9th Feb 2021, 7:23 PM IST
  • विकास शुल्क के नाम पर छात्रों से धन उगाही करने वाली उदय प्रताप कॉलेज का पंजीकरण निरस्त हो जाने के बाद भी मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. यूपी कॉलेज का पंजीकरण निरस्त किए जाने के साथी चिट फंड सोसायटी द्वारा कॉलेज प्रबंध समिति के वित्तीय अधिकार भी सीज कर दिए गए हैं.
उदय प्रताप कॉलेज (फाइल तस्वीर)

वाराणसी : साल 2012 में उदय प्रताप कॉलेज की प्रबंध समिति की ओर से विकास शुल्क के नाम पर छात्रों से 500-500 रुपए की अवैध धन वसूली की गई थी. छात्रों के विरोध के कारण यह कारनामा उदय प्रताप कॉलेज के प्रबंध शिक्षा समिति के गले की फांस बन गई है न्यायिक आदेश के बाद सहायक निबंधन फर्म चिट फंड सोसायटी की ओर से कॉलेज का पंजीयन पहले ही निरस्त किया जा चुका है अब इस कड़ी में कालेज प्रबंध समिति के वित्तीय अधिकार भी सीज कर दिए गए हैं. उनकी ओर से नीतिगत फैसले लेने पर भी रोक लगा दी गई है. 

प्रबंध समिति के वित्तीय अधिकार सीज होने के बाद इस प्रबंध समिति से जुड़ी उदय प्रताप इंटर कॉलेज, उदय प्रताप डिग्री कॉलेज, रानी मुरार कुमारी बालिका इंटर कॉलेज, उदय प्रताप पब्लिक स्कूल और राजर्शी स्कूल आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी शिक्षण संस्थानों में भी वित्तीय संकट पैदा हो गया है. वही कार्यवाही को लेकर प्रबंधन अब तक कोई निर्णय नहीं ले सका है. यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि चिट फंड सोसायटी की ओर से की गई कार्रवाई के खिलाफ कालेज प्रबंध समिति कमिश्नरी में अपील को जाएगी. 

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उधर प्राचीन छात्र एसोसिएशन ने परिसर में चल रही एक शिक्षण संस्थानों को संचालित करने के लिए जिला प्रशासन से रिसीवर नियुक्त करने की मांग की है. वित्तीय अधिकार सीज करने के संबंध में इंडियन बैंक शाखा के प्रबंधक गौरव कुमार बताते हैं कि समिति का पंजीकरण निरस्त करने की सूचना प्राप्त हो जाने के बाद फिलहाल खाते के संचालन पर रोक लगा दी गई है.

 

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