चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद उफ़नाई गंगा शांत करने को वाराणसी में गंगा आरती

Smart News Team, Last updated: 08/02/2021 04:44 PM IST
  • गंगा आरती के दौरान मौजूद श्रद्धालुओं को गंगा सेवा निधि के साथ पुजारियों की ओर से मां गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प दिलाया गया और मां गंगा के रौद्र रूप को शांत करने की प्रार्थना भी की गई.
फाइल फोटो

वाराणसी. चमोली में ग्लेशियर के टूटने के बाद उफनाई गंगा के रौद्र रूप को शांत करने के लिए काशी के दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की विशेष आरती की गई. इसमें शामिल श्रद्धालुओं ने मां गंगा को शांत रहने की अर्जी लगाई. गंगा सेवा निधि द्वारा दशाश्वमेध घाट पर उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद रविवार की शाम को मां गंगा की आरती का विशेष आयोजन किया गया. इसमें गंगा सेवा निधि के साथ पुजारियों द्वारा आरती में शामिल श्रद्धालुओं को मां गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प दिलाया गया.

यही नहीं मां गंगा के रौद्र रूप को शांत करने के लिए प्रार्थना भी की गई. आरती के बाद इस महाप्रलय में हताहत हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन भी रखा गया. 501 दीपों से मां गंगा के तट पर आरती के दौरान शांति पूजन उच्चारण कर प्रार्थना की गई और पुजारियों द्वारा मां गंगा में दीपदान कर नमन किया गया.बता दें कि उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने के बाद पूर्वांचल में वाराणसी समेत बलिया गाजी पुर भदोही व चंदौली में अलर्ट जारी किया गया है.

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वाराणसी केंद्रीय जल आयोग ने अलर्ट संबंधी सूचना प्रशासन को दी है. हालांकि गंगा किनारे लोगों के जाने को लेकर कोई रोक नहीं लगाई गई है. उधर जल आयोग ने भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना जताई है. मुगलसराय व सकलडीहा तहसील में गंगा किनारे के 44 गांवों में देखा जा रहा है कि पानी बढ़ा दो लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट करना होगा. हालांकि यहां तक पानी पहुंचने में 1 सप्ताह का समय लगेगा. बढ़िया में सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता भानु प्रताप सिंह ने बताया कि शासन से सूचना मिली है कि आने वाले दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ सकता है.

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