विश्वनाथ मंदिर को और ज्यादा खूबसूरत बनाने की तैयारी, दीवारें भी होंगी स्वर्णजड़ि

Smart News Team, Last updated: Thu, 13th Jan 2022, 11:02 AM IST
  • काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारें स्वर्णजड़ित होगी.दक्षिणी भारत के एक स्वर्ण व्यवसायी ने सोना दान की इच्छा जतायी है. व्यवसायी की पहल पर मंदिर प्रशासन ने स्वर्ण पत्र जड़ने के संबंध में प्रस्ताव तैयार कराना शुरू कर दिया है.
विश्वनाथ मंदिर को और ज्यादा खूबसूरत बनाने की तैयारी, दीवारें भी होंगी स्वर्णजड़ि

वाराणसी. वर्षों के बाद एक बार फिर काशी विश्वनाथ मंदिर चमकने वाली है. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद अब बाबा के मंदिर को और भव्य बनाने की तैयारी चल रही है. आने वाले दिनों में मंदिर के गर्भगृह को भी सोने से मढ़ा जाएगा. वहीं बैकुंठ महादेव के शिखर को भी स्वर्ण पत्तरों से मढ़वाया जाएगा. दरअसल दक्षिणी भारत के एक स्वर्ण व्यवसायी ने सोना दान की इच्छा जतायी है. व्यवसायी की पहल पर मंदिर प्रशासन ने स्वर्ण पत्र जड़ने के संबंध में प्रस्ताव तैयार कराना शुरू कर दिया है.

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह, शिखर और बाहरी दीवारों पर स्वर्ण पत्तर मढ़ने की तैयारी की जा रही है. बुधवार को दीवारों की मैपिंग व डिजाइनिंग भी की गई. विश्वनाथ मंदिर के शिखर पर महाराजा रणजीत सिंह ने स्वर्ण पत्र लगवाया था. सालों पहले लगे स्वर्ण पत्र धूमिल हो गए थे. विश्वनाथ धाम के लोकार्पण से पूर्व विशेषज्ञ कारीगरों की मदद से सोने की सफाई करायी गयी थी और सफाई करवाकर इनको चमकाया गया था.

संगमरमर आदि पत्थरों से बनी है दीवारें

गर्भगृह के अंदर की दीवारें संगमरमर आदि पत्थरों से बनी हैं. आरती के कारण अंदर की दीवारों पर दाग भी लगते जा रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक विगत दिनों बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के बाद व्यापारी के मन में गर्भगृह के अंदर की दीवारों को स्वर्ण मंडित करने की इच्छा जागी.

 

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चल रहा है सर्वे

इसके बाद मंडलायुक्त के आदेश पर कार्ययोजना तैयारी करायी जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक कई वर्ष पूर्व गर्भगृह के अंदर स्वर्ण पत्र लगाने का 50 करोड़ का इस्टीमेट बना था. बीएचयू आईआईटी के विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में इसे अतिरिक्त भार सहने के योग्य नहीं माना था लेकिन सीबीआरआई ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में स्वर्ण पत्तरों का भार सहने की क्षमता के अनुरूप बताया. मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि स्वर्ण मंडित कराने के संबंध में सर्वे चल रहा है.

चांदी के बने हैं मंदिर के चौखट

जानकारी हो कि पुराने मंदिर को मुगल बादशाह औरंगजेब ने गिराकर उसकी जगह मस्जिद बना दी थी. जब अहिल्याबाई होल्कर ने नया मंदिर बनाकर काशी विश्वनाथ के शिवलिंग को उसमें स्थापित किया, तो मंदिर की भीतर की दीवारें संगमरमर से बनवाईं. गर्भगृह में चार दरवाजे लगे हैं. ये सभी दरवाजे और इनके चौखट चांदी के बने हैं.

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