खुशखबरी: 2.8 करोड़ से वाराणसी के हस्तशिल्प उद्योग को लगेंगे पंख

Smart News Team, Last updated: Tue, 29th Sep 2020, 5:22 PM IST
  • कमिश्नर दीपक अग्रवाल की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर दशहरे के फौरन बाद काम शुरू कर दिया जाएगा. कोरोना के चलते संकट के दौर से गुजर रहे हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाया गया है.
हस्तशिल्प

वाराणसी: काशी के हस्तशिल्पियों के लिए केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय से बड़ी खुशखबरी है. वस्त्र मंत्रालय ने कोरोना महामारी के दौरान संकट से गुजर रहे हस्तशिल्पियों को राहत देते हुए दो करोड़ 80 लाख की परियोजना का सहारा दे दिया है. इससे लॉक डाउन के बाद परेशान हुए काशी व आसपास के क्षेत्र के लकड़ी खिलौना, पत्थर, धातु पर चित्रकारी, गुलाबी मीनाकारी, ब्लैक क्रोकरी, जुट वॉल हैंगिंग, पंजा दरी एवं ग्लास बीड्स से संबंधित शिल्पी एवं कारीगर पुनः अपने रोजगार को पटरी पर ला सकेंगे. दशहरा के फौरन बाद इस परियोजना का क्रियान्वयन शुरू होगा.

इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एंड प्रमोशन आफ हैंडीक्राफ्ट ऑफ वाराणसी प्रस्ताव को कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने तैयार किया था. सोमवार को हुई वर्चुअल बैठक के दौरान वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त व हस्तशिल्प के चेयरमैन रवि कपूर ने इस कार्यक्रम मंजूरी दे दी. उन्होंने कहा कि यह परियोजना लॉक डाउन के दौरान संकट में आये हस्तशिल्प उद्योग को नए आयाम देगी.

बैठक में चेयरमैन रविकपुर ने दशहरा के फौरन बाद कार्यक्रम को शुरू करने के निर्देश दिए. इस दौरान कार्यक्रम के गुणवत्तापूर्वक संचालन व तय समय पर संपादन हेतु संयुक्त आयुक्त उमेश कुमार को नोडल अधिकारी नामित कर जिम्मेदारी सौंपी गई. कार्यक्रम संचालन के समय इस परियोजना की मानिटरिंग कमिश्नर दीपक अग्रवाल करेंगे.

 

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