वाराणसी में लाखों रुपए खर्च कर बनी गौशाला में खाने की कमी से मर रहे मवेशी

Smart News Team, Last updated: 25/11/2020 10:58 PM IST
  • वाराणसी के तिवारीपुर गांव में खाने की कमी से मवेशी मर रहे हैं और उनको वहां से हटाया भी नहीं जा रहा है. जिससे उनके शरीर कौवे नोंच रहे हैं. पशु चिकित्सक ने कहा कि ये बहुत बड़ी लापरवाही है.
वाराणसी में लाखों रुपए में बनी गौशाला में मवेशी दम तोड़ रहे हैं.

वाराणसी. वाराणसी में लाखों रुपए की बनी गौशालाएं में मवेशी दम तोड़ रहे हैं. मवेशियों की जान खाने की कमी और रखरखाव न होने की वजह से जा रही है. बुधवार को तिवारीपुर गांव में बछड़ा की मौत के बाद उसे गौशाला से नहीं हटाया गया. जिस वजह से उसके शव को कौवे ने नोच डाला. आश्रय केन्द्र की हालत पर पशु चिकित्साधिकारी ने कहा कि ये बहुत बड़ी लापरवाही है.

तिवारीपुर गांव की गौशाला में खाने की कमी से बुधवार को एक बछड़ा मर गया. इसके बावजूद उसे गौशाला से नहीं हटाया गया. जिसके बाद उसके शव को कौवों ने नोच डाला. जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी सेवापुरी पशु चिकित्साधिकारी ए.के सिंह को दी. गौशाला की इस हालत पर उन्होंने कहा कि ये बहुत बड़ी लापरवाही है. इस बारे में ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को मवेशी के शव को डिस्पोज करने के लिए बोल दिया गया है.

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वाराणसी के सेवापुरी ब्लाॅक के तिवारीपुर गांव में गौशाला की हालत बहुत खराब है. यहां गायों की खान-पान में कमी और रखरखाव न होने से मवेशी अपना दम तोड़ रहे हैं. मरने के बाद भी मवेशियों को गौशाला से नहीं हटाया जा रहा है. जिस वजह से यहां कौवों को मवेशियों के शव को नोचते हुए देखा जा सकता है.

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आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना शुरू की है. इस योजना में योगी सरकार ने बेसहारा और आवारा पशुओं की देखभाल करने के लिए और उनके पालन-पोषण के लिए 30 रुपये प्रतिदिन देने का वादा किया है. योगी सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण और भरण-पोषण के लिए गोवंश आश्रय स्थल, गो संरक्षण केंद्र, गोवंश वन्य विहार और पशु आश्रय गृह जैसी योजनाएं चला रही है.

 

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