बनारस के सारनाथ में पोता निकला दादी का हत्यारा, जमीन विवाद और जादू टोना का चक्कर
- बनारस के सारनाथ इलाके में पिछले साल एक बुजुर्ग महिला की हत्या की साजिश का खुलासा हो गया है और इसमें महिला के भतीजे और पोते ही केस के मास्टरमाइंड निकले हैं.

सारनाथ. खजुहीं में नारंगी देवी की हत्या का षडयंत्र करने वाला पोता ही निकला. पुलिस पूछताछ में पता चला कि जमीन व प्रॉपर्टी विवाद और जादू-टोना के चक्कर में पोता ने ही दादी की हत्या की साजिश रची थी. पुलिस ने राहुल सोनकर और रवींद्र विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया है.
आठ सितंबर, 2019 को हेलमेट पहने नकाबपोश दो बदमाशों ने खजुहीं स्थित चूड़ी की दुकान की सफाई करती नारंगी देवी (70) को गोली मार दिया था. एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान अगले दिन उनकी मौत हो गई थी.
थानाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह ने बताया कि नारंगी देवी की हत्या का षडयंत्र उनके भतीजे बच्चे लाल के बेटे रवींद्र विश्वकर्मा उर्फ लक्की ने था. पारिवारिक व प्रॉपर्टी विवाद के अलावा जादू टोना को लेकर भाड़े के शूटरों द्वारा ये हत्या कराई गई थी.
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गोली चौबेपुर बाजार निवासी राहुल सोनकर ने मारी थी. इन दोनों को गुरुवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया गया और शुक्रवार को जेल भेज दिया गया. हत्या के षड़यंत्र में नीरज विश्वकर्मा पहले से ही जेल में है. दूसरा आरोपी सुजीत विश्वकर्मा जमानत पर जेल से छूट गया है.
गुमराह करने के लिए बेटे को भेज दिया मुंबई
पुलिस जांच में सामने आया कि षडयंत्रकर्ता बच्चे लाल और उसके बेटे रवींद्र विश्वकर्मा उर्फ लक्की ने नारंगी देवी की हत्या के लिए शूटर अजय कुमार उर्फ बोका, राहुल सोनकर को हायर किया था. षडयंत्र के तहत बच्चा लाल ने बेटे रवींद्र को मुंबई भेज दिया ताकि बेटे पर कोई संदेह न करे.
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बच्चे लाल और मृतका आपस में पट्टीदार हैं व दोनों पक्षों में पूर्व में जमीन संबंधी विवाद था. जब बच्चे लाल जेई पद पर नौकरी कर रहे थे तो नारंगी देवी ने परिवार की जमीन औने-पौने दाम में बेच दी थी और जमीन का पैसा बच्चे लाल के परिवार को नही मिल पाया था. नारंगी द्वारा जादू टोना व भूत प्रेत कराने की बात भी बच्चे लाल के दिमाग में घर कर गयी थी.
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