वाराणसी में 100 सीएनजी बोट की सेवा शुरु, पहले के मुकाबले सस्ता हुआ नौका संचालन

Smart News Team, Last updated: Thu, 8th Jul 2021, 11:50 AM IST
  • वाराणसी में सीएनजी से चलने वाली 100 बोटों की सेवा शुरु की गई है. डीजल इंजन से नांव जहां एक लीटर डीजल में तीन से चार किलोमीटर तक ही चलती थी, वहीं अब बोट एक किलो सीएनजी में 10 किलोमीटर की दूरी तय कर रही है. सीएनजी इंजन से नौकाएं न केवल सस्ती हुई हैं बल्कि प्रदूषण रहित भी हो गई हैं.
वाराणसी में शुरू हुई सौ सीएनजी बोट की सेवा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वाराणसी. उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक शहर वाराणसी की नौकाएं अब पहले से ज्यादा स्मार्ट हो गई हैं. जिले की बोटों का अंदाज अब नया हो गया है. हाल ही में सीएनजी से चलने वाली 100 बोटों की सेवा जिलें में शुरु की गई है. इसके साथ ही आगे दो हजार बोट को सीएनजी कर काशी के नौकायन की तस्वीर बदली जाने वाली है. डीजल इंजन के मुकाबले कम आवाज वाले सीएनजी इंजनों ने जिले की नौकाओं की छवि को बदल कर रख दिया है. एक ओर जहां सीएनजी इंजन से वाइब्रेशन कम हुई है वहीं दूसरी ओर बोट पहले से सस्ती भी हो गई है.

घूटों से फ्यूल पीने वाले बोट के डीजल इंजन से नांव जहां एक लीटर डीजल में तीन से चार किलोमीटर तक ही चलती थी, वहीं अब बोट एक किलो सीएनजी में 10 किलोमीटर की दूरी तय कर रही है. आने वाले दिनों में नाविक नौका विहार का किराया भी कम करने की तैयारी कर रहै हैं. गौरतलब है कि काशी में चलने वाली नौकाओं का डीजल इंजन तेज आवाज के साथ अधिक धुंआ देता था. पर्यटकों में इसको लेकर असहजता देखी जाती थी. डीजल इंजन के बेहतर विकल्प के रूप में अब 100 सीएनजी लैस बोट गंगा में चल रही है और जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नौका संचालन को सहज करने के सपने पर सीएनजी इंजन से बोट चलाने की रणनीति तैयार की गई है. ध्वनि प्रदूषण और जल प्रदूषण के साथ-साथ तेज कंपन करने वाली डीजल इंजन की बोट से जलीय जीवों की भी मुश्किलें बढ़ी हुई थी. गंगा में अब सीएनजी बोटों के चलने से इन समस्याओं से राहत मिलेगी और पर्यटन को नया आयाम मिलेगा.

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