कॉलेज में अब शिक्षण कक्षों के अलावा मेडिकल कक्ष भी ज़रूरी

Smart News Team, Last updated: 17/10/2020 08:39 PM IST
  • रधानाचार्यों की मीटिंग में शिक्षाधिकारियों ने कोविड-19 के प्रति गाइड लाइन अपनाते हुए ही संस्थान खोलने की हिदायत दी.
कॉलेज स्कूल खोलने की तैयारी अनलॉक 5.0 गाइडलाइन के तहत

वाराणसी. सरकार की तरफ से 19 अक्टूबर से स्कूल व कालेज खोलने की गाइड लाइन जारी हो जाने के बाद माध्यमिक कालेजों को खोलने की तैयारियाँ शुरू कर दी गयी हैं. वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक सहित अन्य शिक्षा अधिकारियों ने भी इसके लिए कालेजों को दिशा निर्देश देने व निरीक्षण करने का काम शुरू कर दिया है. इसके लिए राजकीय क्वींस इंटर कालेज में शुक्रवार को माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की बैठक हुई.इस दौरान डीआइओएस डा. वीपी सिंह ने सभी विद्यालयों को कोविड-19 के मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया.

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डीआईओएस ने कहा कि लॉक डाउन से लेकर सात महीने से विद्यालय बंद रहे इसलिए विद्यालयों की साफ-सफाई व सेनेटाइज़ करना बेहद जरूरी है. स्कूल में हैंडवाश व सेनेटाइजर की व्यवस्था के अलावा कोविड-19 के जारी मानकों का पालन करना होगा. उन्होंने कहा कि फिलहाल केवल आधे बच्चों को ही स्कूल बुलाया जा सकता जिसके लिए अभिभावकों की लिखित सहमति आवश्यक है. पचास प्रतिशत बच्चों में उनको प्राथमिकता दी जाएगी जो अब तक किसी कारणवश आनलाइन पढ़ाई ना कर सके हों. दो पालियों में कक्षाएं चलाई जायेंगीं. शुरुआत में हिंदी, अंग्रेजी, गणित व विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों की कक्षा भी लगाई जा सकती है.

सह जिला विद्यालय निरीक्षक शिवपूजन द्विवेदी ने कहा कि विद्यालय परिसर में कोविड-19 के प्रति बचाव व सावधानियों को दर्शाते पोस्टर बैनर व एक मेडिकल कक्ष बनाना जरूरी है. उन्होंने इस दौरान स्टाफ द्वारा चिकित्सक व नर्स से संपर्क बनाए रखने का भी सुझाव दिया ताकि ज़रूरत आने पर फौरन उनकी सेवा ली जा सके. इसके अलावा शिक्षाधिकारियों ने कॉलेजों का भी निरीक्षण किया और उन्हें सरकारी गाइड लाइन हेतु अवगत कराया. इस दौरान डीआईओएस द्वितीय शिवकुमार ओझा व डीडीआर ओंकार शुक्ल ने भी कालेजों का निरीक्षण कर स्थिति को परखा.

 

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