वाराणसी: देश के पहले कौशल विकास विश्वविद्यालय के लिए जमीन चिह्नित, भेजा प्रस्ताव

Smart News Team, Last updated: Fri, 6th Aug 2021, 12:10 PM IST
  • बनारस जिला प्रशासन ने चौबेपुर के रजवाड़ी में देश के पहले कौशल विकास विश्वविद्यालय के लिए 45 एकड़ जमीन चिह्नित की है. कौशल विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया गया है. डीएम कौशलराज ने कहा कि विश्वविद्यालय से पूर्वांचल के साथ यूपी, बिहार, झारखंड सहित आसपास के युवाओं के लिए रोजगार का अच्छा मौका होगा.
वाराणसी: देश के पहले कौशल विकास विश्वविद्यालय के लिए जमीन चिह्नित, भेजा प्रस्ताव

वाराणसी. वाराणसी में देश के पहले कौशल विकास विश्वविद्यालय के लिए 45 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है. यह भूमि चौबेपुर के रजवाड़ी में है. जिला प्रशासन ने चिह्नित भूमि की जानकारी के साथ कौशल विकास मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है.

जमीन रक्षा मंत्रालय की है. जिसका नाम हवाई पट्टी है. इसलिए कौशल विकास मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच हस्तांतरण होगा. कौशल विकास विश्वविद्यालय में विकास मिशन के तहत तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के साथ रिसर्च भी होंगे. इसके साथ ही बजार की जरूरत के मुताबिक सिलेबस तैयार किए जाएंगे. 

यह विश्वविद्यालय पूर्वांचल और पड़ोसी राज्यों के युवाओं को रोजगार दिलाने में मददगार साबित होगा. जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कहा कि कौशल विश्वविद्यालय पूर्वांचल के साथ यूपी, बिहार, झारखंड सहित आसपास के राज्यों के युवाओं के लिए बहुत अच्छा मौका होगा. उन्होंने आगे कहा कि कौशल विकास सेंटरों में युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती है लेकिन अभी तक प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकों के कौशल विकास की व्यवस्था कहीं नहीं है. इस कारण सरकार ने बनारस में विश्वविद्यालय खोलने का फैसला किया है. प्रस्तावित पाठ्यक्रम हेल्थ केयर और फिजियोथेरेपी, वेलनेस मैनेजमेंट प्रोग्राम, डाटा कलेक्ट करने का प्रशिक्षण, कृषि की नवीन तकनीक आधारित पाठ्यक्रम और स्किल इन इलेक्ट्रिक व्हीकल है.

आपको बता दें कि दो साल पहले कोशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने वाराणसी में कौशल विकास के प्रशिक्षण और शोध के लिए विश्वविद्यालय की कार्ययोजना तैयार करवाई थी. पिछले साल(2019) जुलाई में शासन से जमीन का प्रस्ताव मांगा था. डीएम कौशलराज ने 31 दिसंबर को राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ हवाई पट्टी की भूमि देखी थी. अब मंत्रालय को उसका प्रस्ताव भेज दिया गया है.

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