वाराणसी : आर्थिक बजट में कस्टम ड्यूटी बढ़ने से संकट में आया काशी वस्त्र उद्योग

Smart News Team, Last updated: 03/02/2021 03:09 PM IST
  • आर्थिक बजट 2021 में रेशम पर 5 फ़ीसदी कस्टम ड्यूटी में वृद्धि किए जाने से बनारस के वस्त्र उद्योग पर संकट के बादल मर आने लगे हैं. जानकारों का कहना है कि कस्टम ड्यूटी में वृद्धि किए जाने से रेशम की साड़ियों बाजार में महंगाई सर चढ़कर बोलेगी जो वस्त्र उद्योग को काफी प्रभावित करेगी.
आर्थिक बजट में कस्टम ड्यूटी बढ़ने से संकट में आया काशी वस्त्र उद्योग (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वाराणसी : बनारसी साड़ियों की धाक देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में है. देश विदेश में हर माह बनारसी साड़ियों का बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है. पूर्वांचल में बनारसी साड़ियों का एक विशाल बाजार है. आर्थिक बजट 2021 में केंद्र सरकार की ओर से रेशम पर 5 फ़ीसदी तक की कस्टम ड्यूटी में वृद्धि की गई है. इस कारण साड़ी उद्योग से जुड़े कारोबारियों को अब यह चिंता सताने लगी है कि बनारसी साड़ी अब और महंगी हो जाएंगी. 

बता दें कि अब तक केंद्र सरकार की ओर से रेशम पर 10 फ़ीसदी कस्टम ड्यूटी आयत थी. अब आर्थिक बजट में केंद्र सरकार ने रेशम पर 5 फ़ीसदी और कस्टम ड्यूटी की वृद्धि की है. ऐसे में बनारसी साड़ी पर अब कुल 15 फ़ीसदी कस्टम ड्यूटी लगेगी. कारोबारियों का कहना है कि कॉटन पर 10 फ़ीसदी और सिल्क पर 5 फ़ीसदी कस्टम ड्यूटी की वृद्धि किए जाने से बनारस का वस्त्र उद्योग महंगा होगा तो वही नायलॉन और पॉलिस्टर पर आर्थिक बजट में कस्टम ड्यूटी कम किए जाने से सूरत का वस्त्र उद्योग आसमान छूने लगेगा. नायलॉन और पॉलिस्टर की साड़ियां अब सस्ती होंगी जिस कारण व्यापारियों और आम लोगों का रुझान सूरत के वस्त्र उद्योग के प्रति बढ़ेगा. 

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बता दें कि बनारस साड़ी उद्योग से जिले भर के तकरीबन पांच लाख लोग जुड़े हुए हैं. पूर्वांचल के मऊ आजमगढ़ चंदौली भदोही और मिर्जापुर जनपदों को शुमार कर लिया जाए तो यह संख्या तकरीबन 15 लाख तक पहुंचती है. अकेले वाराणसी शहर में 70000 हथकरघा है, ढाई लाख के करीब पावर लूम की संख्या है. वाराणसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के महामंत्री राजन बहन कहते हैं कि नायलान पर कस्टम ड्यूटी कटेगी तो इससे बनारसी साड़ी उद्योग काफी प्रभावित होगा. बनारसी साड़ी महंगी होगी तो वही सूरत का उद्योग पनपेगा. ग्राहकों का रुझान भी सस्ते सामानों पर होगा. वही जी आई विशेषज्ञ रजनीकांत कहते हैं कि कस्टम ड्यूटी में वृद्धि कर चुकी सरकार को अब देश में ही रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर देना चाहिए ताकि बनारस बस उद्योग को रेशम के लिए आयात पर निर्भर ना रहना पड़े.

 

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