लोकार्पण की तैयारियों के बीच 24 घंटे के लिए बंद काशी विश्वनाथ धाम का दरबार

Shubham Bajpai, Last updated: Wed, 1st Dec 2021, 2:51 PM IST
  • काशी विश्वनाथ मंदिर की साफ-सफाई और एनामेल पेंट हटाने के दरबार को 1 दिसंबर को 24 घंटे के लिए बंद रखा जाएगा. इसको लेकर मंदिर प्रशासन ने नोटिस चस्पा कर दिया. इससे पहले 29 और 30 नंवबर को 12 घंटे के लिए दरबार बंद किया गया था. 13 दिसंबर को मंदिर के लोकार्पण होना है जिसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं.
लोकार्पण की तैयारियों के बीच आज से 24 घंटे के लिए बंद काशी विश्वनाथ धाम का दरबार

वाराणसी. काशी विश्वनाथ मंदिर के लोकार्पण को लेकर वाराणसी में तैयारियां जोरों पर है. विश्वनाथ दरबार में साफ-सफाई को लेकर मंदिर प्रशासन द्वारा लगा हुआ है. 29 और 30 नंवबर को साफ सफाई और एनामेल पेंट हटाने के लिए मंदिर परिसर को 12 घंटे के लिए बंद किया गया था और अब 1 दिसंबर को मंदिर परिसर 24 घंटे के लिए बंद रखा जाएगा.

वाराणसी में 13 दिसंबर को काशी विश्वनाथ मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम होना है. इसको लेकर साफ-सफाई का काम जारी है. इस दौरान मंदिर में भक्तों के प्रवेश पर रोक रहेगी, हालांकि बाबा की आरती, पूजन सभी नियमानुसार संपन्न होगा.

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2019 में शुरू हुआ था परिसर का जीर्णोद्धार

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में काशी कॉरिडोर का जीर्णोद्धार पीएम नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है. 2019 में इसकी शुरुआत हुई थी. 2 साल में तैयार इस कॉरिडोर का लोकार्पण 13 दिसंबर को पीएम मोदी करेंगे. इस दौरान काशी में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम में देश के कई वरिष्ठजन मौजूद रहेंगे.

13 दिसंबर से 14 जनवरी तक होगा भव्य काशी दिव्य काशी का आयोजन

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में लोकार्पण के बाद 13 दिसंबर से 14 जनवरी तक भव्य काशी दिव्य काशी का आयोजन किाय जाएगा. जिसके तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. तैयारियों का जायजा करने खुद सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरा कर चुके हैं. इस दौरान सीएम योगी ने सभी आधिकारियों को समय से सभी कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया. इस दौरान सीएम योगी ने कार्यक्रम के दौरान सभी घरों में दीप जलाने की अपील की है.

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2008 में मंडलायुक्त ने करा दिया था मंदिर में एनामेल पेंट

मंदिर से एनामेल पेंट हटाए जाने के बाद मंदिर की पुरानी रौनक लौट आएगी. 2008 में तत्कालीन मंडलायुक्त सीएन दुबे ने अपनी मनमानी करते हुए लोगों के विरोध के बाद भी मंदिर में एनामेल पेंट चढ़वा दिया था. पेंट होने की वजह से मंदिर के गर्भ गृह में लगे पत्थरों का क्षरण शुरू हो गया ता और कई पत्थर खराब होने लगे थे.

 

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