उड़ीसा से दिल्ली जा रहे किसानों का दल वाराणसी में रोका, बॉर्डर सील

Smart News Team, Last updated: Tue, 19th Jan 2021, 12:54 PM IST
  • वाराणसी में सोमवार की देर रात लगभग 500 किसानों का दल पहुंचा था. प्रशासन की तरफ से किसानों को इलाहाबाद से कानपुर होते हुए दिल्ली के लिए रवाना करना था लेकिन किसानों ने वाराणसी से लखनऊ होते हुए अपना रूट तय किया था. जिसके बाद किसानों को वाराणसी के बॉर्डर पर रोक दिया गया है.
वाराणसी बॉर्डर पर उड़ीसा से पहुंचे किसानों को रोका गया.

वाराणसी. किसानों का दल उड़ीसा से सोमवार की रात वाराणसी के रोहनिया पहुंचा. जिसके बाद प्रशासन ने बॉर्डर सील कर दिए. किसानों के दल को सोमवार की रात संगम होटल और अखरी के पास चुनार रोड पर अस्थायी जगह रुकना था. किसानों के विश्राम और भोजन का इंतजाम वहीं किया गया था. किसानों के आने से पहले ही एलआईयू और रोहनिया पुलिस इलाके में काफी सक्रिय हो गई थी. किसानों का दल उड़ीसा से दिल्ली आंदोलन में शामिल होने जा रहा था. 

किसान नेताओं ने बताया कि उन्हें यूपी-बिहार की सीमा के बजाय बनारस की उस जगह पर सील कर दिया गया जहां उन्हें रात को विश्राम के लिए रुकना था. रात में वहां कहां भटकेंगे यह सोचकर वह मोहनिया लौट आए लेकिन उन्हें सुबह सूचना मिली थी कि किसानों के दल को बॉर्डर पर ही रोका गया है. वह अभी मोहनिया में ही रुके हुए हैं लगभग 11:30 बजे वहां से चलने की सूचना थी और राजातालाब तहसील में उनके स्वागत की भी तैयारी है लेकिन अभी वह मोहनिया से चले नहीं है. 

वाराणसी शुभम केसरी और रवि पांडेय मर्डर केस: 5 आरोपी गिरफ्तार, बाइक बरामद

उच्च अधिकारियों ने बताया कि किसानों के दल को सीधे इलाहाबाद वाया कानपुर होते हुए दिल्ली से जाने के लिए कहना था. वहीं किसानों के साथ चल रहे हिमांशु ने सीओ सदर को बताया कि वाराणसी से लखनऊ होकर दिल्ली जाने का रुट तय किया गया है. इसी रूट पर जगह-जगह उनके रुकने और खान-पान की व्यवस्था बनाई गई है. 

UPPSC: पहली बार महज 7 दिनों में होगा PCS का इंटरव्यू, जानें तारीख

सदर क्षेत्राधिकारी ने बताया था कि किसानों का दल मोहनिया पहुंचने सोमवार को मोहनिया पहुंचेगा और वह देर रात अखरी पहुंचेगे. वहीं उनके भोजन और विश्राम का इंतजाम किया गया था. वहीं से वह कानपुर होते हुए दिल्ली के लिए रवाना होंगे. 

हमले से डर घर में कैद हुई एक दिन की थानेदार जीविका, प्री बोर्ड एग्जाम भी छूटा 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें