राजनीतिक दल के नेताओं से दलित उत्पीड़न समेत कई मुकदमे वापस होंगे

Smart News Team, Last updated: Wed, 10th Feb 2021, 10:59 AM IST
  • राजनीतिक दल के नेताओं पर दलित उत्पीड़न समेत अन्य मुकदमे की वापसी के लिए मांगी गई रिपोर्ट में सत्ता पक्ष के नेता नहीं हैं. सूची में शहर के पूर्व मेयर, पार्टी पदाधिकारी समेत कुछ युवा नेताओं के नाम शामिल हैं.
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

वाराणसी: शासन की तरफ से राजनीतिक दल के नेताओं पर दलित उत्पीड़न समेत अन्य मुकदमे की वापसी के लिए रिपोर्ट मांगी गई. जिसके बाद अभियोजन अधिकारी की ओर से रिपोर्ट दी गई. वहीं, अब SSP और DM की रिपोर्ट के बाद शासन को सूची भेजी जाएगी. बता दें, बीते सितंबर से अब तक कुल 23 लोगों की सूची बनाई गई है. इस सूची में सत्ता पक्ष के नेता नहीं हैं.

आपको बता दें कि पिछले साल शासन की तरफ से राजनीतिक दलों के नेताओं पर दर्ज केस वापसी का फैसला लिया गया था. इसके तहत पांच फरवरी को एडीएम प्रशासन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ताओं और अभियोजना अधिकारी को पत्र लिखकर उक्त के संबंध में जानकारी मांगी गई थी. जो सूची बनायी गई है उनमें भाजपा के रामगोपाल मोहले, राकेश त्रिवेदी, ओमप्रकाश सिंह, प्रणय कुमार सिंह, राकेश सिंह, किरण शर्मा, धर्मेंद्र राजभर, भूपेंद्र प्रताप सिंह, शशि सिंह, गौरव सिंह, अमित सोनकर समेत 23 लोग हैं.

पेट्रोल डीजल 10 फरवरी का रेट: लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, मेरठ, आगरा में बढ़े दाम

इसमें पूर्व मेयर पर शासन के निर्देश के उल्लंघन में धारा 188 में केस दर्ज है, जबकि वर्तमान सत्तापक्ष के तत्कालीन पदाधिकारी पर साल 2009 के बलवा, मारपीट, 7-सीएलए एक्ट के केस दर्ज हैं. इसी तरह युवा नेताओं पर साल 2015 में मारपीट व गिरोह बंद अभियान चलाने जैसे मामले हैं. कई नेताओं पर SC-ST यानी दलित उत्पीड़न के मामले भी दर्ज हैं.

वाराणसी सर्राफा बाजार में सोना चांदी चमका, क्या है आज का मंडी भाव

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें