मथुरा के एस ओ एस सेंटर में जाएगा जंजीरों में कैद हत्यारा मिट्ठू हाथी

Smart News Team, Last updated: Wed, 6th Jan 2021, 7:58 PM IST
मानसिक संतुलन खोए वाराणसी के रामनगर के वन जीव प्रभाग परिसर में पिछले 14 महीने से जंजीरों में कैद मिट्ठू हाथी को इलाज के लिए मथुरा भेजा जाएगा. इसके लिए वन्य जीव प्रभाग प्रशासन ने कोर्ट में अर्जी दे दी है. न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद मिट्ठू हाथी को मथुरा के लिए रवाना किया जाएगा.
मथुरा के एस ओ एस सेंटर में जाएगा जंजीरों में कैद हत्यारा मिट्ठू हाथी

वाराणसी . बता दें कि वाराणसी के रामनगर स्थित काशी वन्यजीव प्रभाग परिसर में गजराज मिट्ठू का 14 माह पहले मानसिक संतुलन बिगड़ गया था. अचानक भड़के बिगड़ैल मिट्ठू ने आकर एक वन्यजीव कर्मचारी की हत्या कर दी थी. तब से काशी वन्य जीव प्रभाग परिसर में मिट्ठू जंजीरों में कैद है. वन्य जीव प्रभाग प्रशासन की ओर से मिट्ठू को इलाज के लिए पहले कोर्ट ने दुधवा पार्क भेजे जाने का आदेश जारी किया था. लेकिन बाद में काशी वन्य जीव प्रभाग प्रशासन का मथुरा के एस ओ एस सेंटर के अधिकारियों से संपर्क हुआ. एस ओ एस सेंटर के अधिकारियों ने वाराणसी जाकर गजराज मिट्ठू की सेहत का परीक्षण किया. उपचार भी किया. उपचार से मिट्ठू के मानसिक बीमारी में सुधार को देखते हुए अब काशी वन्य जीव प्रभाग प्रशासन ने मिट्ठू को मथुरा के एस ओ एस सेंटर भेजे जाने का विचार किया है.

मथुरा एस ओ एस सेंटर प्रशासन भी मिट्ठू का इलाज करने के लिए सहमत है. एक दूसरे की सहमति हो जाने के बाद अब काशी वन्यजीव प्रभाग प्रशासन मिट्ठू को मथुरा एस ओ एस सेंटर पर इलाज के लिए भेजे जाने को न्यायालय में अर्जी देगा. न्यायालय की ओर से अर्जी स्वीकार कर लिए जाने की सूरत में गजराज मिट्ठू के रवाना के जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

बता दें कि मिट्ठू गजराज के महावत तुलसीराम ने बताया कि पहले मिट्ठू बहुत शांत स्वभाव का था. अपनी सेहत और स्वभाव के कारण मिट्ठू पिछले 12 वर्षों से काशी की विख्यात रामलीला में काशी राजपरिवार की शाही सवारी बनता रहा है. उन्होंने बताया कि बीते कुछ समय से मस्त होने के कारण मिट्ठू के स्वभाव में परिवर्तन हुआ है वह गाहे-बगाहे अपना आपा खो देता.

इस संबंध में प्रभागीय वन अधिकारी काशी वन्यजीव प्रभाव रामनगर दिनेश सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुसार कोविड-19 के संक्रमण एवं तकनीकी कमी के चलते मिट्ठू को दुधवा नेशनल पार्क लखीमपुर खीरी नहीं भेजा जा सका. फिलहाल मिट्ठू को मथुरा में इलाज के लिए भेजे जाने का विचार किया गया है. इसके लिए न्यायालय से परमिशन ली जा रही है. न्यायिक आदेश प्राप्त होने के बाद गजराज मिट्ठू को हाइड्रोलिक वाहन से मथुरा एस ओ एस सेंटर भेजा जाएगा

 

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