खेत में मिली चूहे की मूर्ति को देखने जुट गई लोगों की भीड़, जांच को भेजी गई लैब

Smart News Team, Last updated: 10/10/2020 04:52 PM IST
  • वाराणसी के लंका थाना के तारापुर में खेत में मिली मूस की मूर्ति. मूर्ति का वजन करीब 2 किलो. ग्रामीण मूर्ति के सोने या अष्टधातु के होने के लगा रहे कयास. लंका पुलिस ने मूर्ति को कब्जे में लिया. मूर्ति को वास्तविक जांच के लिए भेजा जाएगा लैब.
खुदाई के दौरान मिली चुहे की मूर्ति (प्रतीकात्मक फोटो)

वाराणसी. लंका थाना क्षेत्र के तारापुर में खेत में चूहे की मूर्ति मिली है. इस मूर्ति का वजन तकरीबन 2 किलो है. बताया जा रहा है कि तारापुर निवासी क्षमाशंकर पांडेय के खेत में पौधा लगाने के लिए मजदूर खुदाई कर रहे थे. इसी दौरान जमीन के करीब आधा फीट नीचे मूस की मूर्ति मिली. देखने वाले बताते हैं कि मूर्ति आकार में तो छोटा है लेकिन मूर्ति का वजन तकरीबन 2 किलो है. खुदाई कर रहे मजदूरों ने मूर्ति मिलने के बाद खेत मालिक को इसकी जानकारी दी. खेत में मूर्ति मिलने की बात गांव में आग की तरह फैल गई, और देखते ही देखते मौके पर हजारों ग्रामीणों की भीड़ लग गई. इलाके में मूर्ति सोने या अष्टधातु के होने की चर्चा जोरों पर है. सूचना मिलने के बाद लंका थाने के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे. जिसके बाद पुलिसकर्मी मूर्ति को थाने ले गए. पुलिस ने बताया कि मूर्ति की वास्तविक जांच के लिए लैब भेजा जाएगा.

मौके पर ग्रामीणों की भाड़ी भीड़

सूचना मिलते ही मौके पर हजारों की तादाद में ग्रामीण जमा हो गए. ग्रामीण और आसपास के इलाके के लोग मूर्ति को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं. ग्रामीणों का मानना है कि मूर्ति सोने या फिर किसी अष्टधातु की हो सकती है. क्योंकि मूर्ति आकार में छोटा है लेकिन वजन तकरीबन 2 किलो बताया जा रहा है. आपको बताते चलें कि खेत में पौधा लगाने के लिए खुदाई कर रहे मजदूरों को मूस की यह मूर्ति जमीन के करीब आधा फीट नीचे मिली.

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जमीन के आधा फीट अंदर मिली मूर्ति

खेत में टमाटर का पौधा लगाने के लिए खुदाई कर रहे मजदूरों को मूर्ति जमीन के आधा फीट नीचे मिली. जिसके बाद मजदूरों ने इस बात की जानकारी अपने खेत मालिक को दी. बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने मूर्ति को अपने कब्जे में लिया. लंका पुलिस मूर्ति को कब्जे में लेकर थाने ले गई.

वास्तविक जांच के लिए भेजा जाएगा लैब

अपने साथ मूर्ति को थाने ले गई लंका पुलिस ने बताया कि मूर्ति को वास्तविक जांच के लिए लैब भेजा जाएगा. ताकि मूर्ति किस चीज की बनी है इस बात का पता लगाया जा सके. गौरतलब है कि तारापुर गांव के एक खेत में मिली मूस की मूर्ति को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि मूस की यह मूर्ति सोने या फिर किसी अष्टधातु की हो सकती है. मूस की इस मूर्ति के वास्तविक सच्चाई का पता लैब जांच के बाद ही चल पाएगा.

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