वाराणसी: सरकार की दुर्गा पूजा गाइडलाइन पर महोत्सव आयोजक नाराज, जताया आक्रोश

Smart News Team, Last updated: 14/10/2020 10:56 AM IST
  • वाराणसी में प्रदेश सरकार की भ्रामक गाइड लाइन से पूजा आयोजकों में आक्रोश है. आयोजकों ने प्रतिमा निर्माण का आर्डर पहले से ही दे रखा है. बता दें कि सार्वजनिक स्थान पर न तो प्रतिमा लगेगी, न विसर्जन होगा और ना ही पंडाल लगेगा.
यूपी सरकार की दुर्गा पूजा गाइडलाइन को लेकर महोत्सव आयोजकों में आक्रोश है

वाराणसी: प्रशासन की ओर से  दुर्गा पूजा को लेकर जारी असमंजस भरी गाइडलाइन को लेकर जिले के मडुवाडीह थाने पर दुर्गापूजा आयोजकों की बैठक में आक्रोश दिखाई दिया. स्थानीय बाजार व आसपास के क्षेत्रों में होने वाली दुर्गा पूजा को लेकर आयोजकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. आयोजकों ने जिला प्रशासन से मांग कि है कि नए शासनादेश की घोषणा समय से कर दी जाए.

जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार द्वारा जारी दुर्गा पूजा गाइडलाइन्स को लेकर लोगों के मन में काफी सवाल हैं. आयोजकों ने पहले से ही काफी तैयारियां कर ली थी ऐसे में सरकारी दिशानिर्देश को लेकर उनमें आक्रोश है. इसी के चलते मडुवाडीह थाने पर दुर्गा पूजा आयोजकों ने बैठक की. इस बैठक में माँ शारदा स्पोर्टिंग क्लब शिवदासपुर के किशन जायसवाल, बजरंग स्पोर्टिंग क्लब मडुवाडीह चौराहा के रितेश जायसवाल,न्यू गोल्डन क्लब लहरतारा के ओम प्रकाश यादव,पॉपुलर स्पोर्टिंग क्लब चांदपुर के घनश्याम जैन,आदर्श स्पोर्टिंग क्लब मडुवाडीह सब्जी मंडी समेत डीएलडब्लू व अन्य क्षेत्रों के आयोजकों ने बताया कि उन्होंने 5 फीट ऊंची प्रतिमा बुक करा दी है.

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जिस पर थाना प्रभारी महेंद्र राम प्रजापति ने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर न तो मूर्ति स्थापना होगी, न ही पंडाल लगेगा और ना ही कहीं मूर्ति का विसर्जन होगा. यदि कोई आयोजक नियमों की अनदेखी करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाई की जाएगी. आक्रोशित पूजा आयोजकों का कहना था कि पूजा पंडाल बनाकर प्रतिमा स्थापित कर वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता रहा है.

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इसी के साथ आसपास के गांवों में भी एक दर्जन से अधिक जगहों पर पंडाल में प्रतिमा की पूजा होती है. कोरोना संक्रमण को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. पूजा कमेटी व आयोजक कम समय को लेकर चिंतित हैं. जबकि पूजा कमेटियों ने पूजा पंडाल में सजावट व प्रतिमा का सट्टा बयाना कर दिया है ऐसी स्थिति में नए शासनादेश की समय से घोषणा नहीं होने से सारी व्यवस्था अधर में लटकी पड़ी है. आयोजकों का कहना है कि शासन-प्रशासन की गाइड लाइन भ्रामक है.

 

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