लखनऊ नहीं अब काशी से होगी फल सब्जियों की पैकेजिंग

Smart News Team, Last updated: 05/08/2020 12:02 AM IST
  • काशी विश्वनाथ के मंदिर के प्रसाद की पैकेजिंग का प्रस्ताव, विदेशों में भेजी जाएंगी काशी की फल व सब्जियां ,सितंबर में होगी पैकेजिंग संस्थान की शुरुआत
वाराणसी जंक्शन

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जल्द ही पैकेजिंग संस्थान खुलने जा रहा है। इससे न केवल काशी आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि हजारों युवाओं के रोजगार के रास्ते भी खुल जाएंगे। साथ ही प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया मुहिम को भी नई धार मिलेगी।

आत्मनिर्भर और स्वावलंबन भारत अभियान के तहत हस्तशिल्प उत्पादों की पैकेजिंग के लिए बड़ालालपुर में पं. दीनदयालय हस्तकला संकुल (टीएफसी) में यह प्रशिक्षण केंद्र खुलेगा। यहां हजारों बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का बेहतर प्लेटफार्म भी तैयार होगा।पैकेजिंग संस्थान का संचालन सितम्बर से शुरू होगा। इसमें कई चरणों में काम किए जाएंगे। पहले चरण में पैकेजिंग के लिए प्रशिक्षण केंद्र शुरू होगा। जिला प्रशासन ने की रूपरेखा तैयार कर ली है। प्रशासन ने केंद्र के अस्थायी संचालन के लिए राजातालाब स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज और टीएफसी (टीएफसी) का प्रस्ताव दिया है।

पैकेजिंग संस्थान के शुरुआती दौर में गुलाब मीनाकारी, मेटल रिपोजी, ग्लास बीड, लकड़ी व पत्थर के हस्तशिल्प उत्पाद और कृषि उत्पाद में फल व सब्जियों की पैकेजिंग की जाएगी। पैकेजिंग के लिए प्रशासन द्वारा पहले ही कुछ युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। भारतीय पैकेजिंग संस्थान मुंबई के विशेषज्ञ युवाओं प्रशिक्षण देंगे।

विदेशों में भेजी जाएंगी काशी की फल व सब्जियां

काशी की मशहूर चीज़ों की पैकेजिंग के बाद बनारस एयरपोर्ट से सीधे फल और सब्जियां विदेशों में भेजी जा सकेंगी। अभी इनकी पैकेजिंग लखनऊ में होती है। इस केंद्र से वाराणसी के साथ आसपास के जिलों के हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों की स्थानीय स्तर पर पैकेजिंग भी होगी। इससे देश-विदेश में निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

काशी विश्वनाथ के मंदिर के प्रसाद की पैकेजिंग का प्रस्ताव

काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रसाद की आकर्षक पैकेजिंग का प्रस्ताव भी रखा गया। दिल्ली के अधिकारियों ने अगले हफ्ते तक पैकेजिंग का मॉडल और सैंपल भेजने का आश्वासन दिया है। यदि प्रस्ताव पर मुहर लग जाती है तो विदेशों में बैठे श्रद्धालु भी काशी विश्वनाथ के मंदिर का प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे।

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