UP MLC चुनाव: वाराणसी से शिक्षक निर्वाचन में BJP हारी, स्नातक में भी पिछड़ी

Smart News Team, Last updated: 04/12/2020 06:01 PM IST
  • यूपी विधान परिषद चुनाव में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीजेपी को बड़ा झटका लगा. वाराणसी शिक्षक सीट पर बीजेपी प्रत्याशी तीसरे पायदान पर रहे और स्नातक पर बीजेपी पीछे चल रही.
यूपी विधान परिषद चुनाव में वाराणसी शिक्षक में बीजेपी हारी और स्नातक में पीछेचल रही है. प्रतीकात्मक तस्वीर

वाराणसी. उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बीजेपी को झटका लगा है. वाराणसी शिक्षक एमएलसी सीट पर भाजपा हारी और स्नातक सीट पर पहली वरीयता की मतगणना के बाद से ही भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह पीछे चल रहे हैं. वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा लाल बिहारी यादव जीत गए हैं और स्नातक में सपा के ही आशुतोष सिन्हा बढ़त बनाए हुए हैं.

वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने प्रमोद कुमार मिश्र को 936 वोटों से हराया. भाजपा प्रत्याशी तीसरे पायदान पर रहे. लाल बिहारी यादव को कुल 7,766 वोट मिले हैं. वहीं प्रमोद कुमार को 6,830 और भाजपा के चेतनारारायण सिंह को 4,858 वोट मिले. वोटिंग पूरी होने के बाद सपा प्रत्याशी को 4,858 वोट और प्रमोद मिश्र को 6830 वोट मिले थे. बाद में प्रमोद मिश्र में वोट में अंतरण करने पर सपा के लाल बिहारी यादव के 518 वोट मिल गए.

एमएलसी चुनाव: वाराणसी शिक्षक निर्वाचन पद पर सपा के लाल बिहारी यादव विजयी घोषित

इसके अलावा कृष्ण मोहन यादव को 1621 वोट, रमेश सिंह को 1973, राजेन्द्र प्रताप सिंह को 1444, संजय कुमार सिंह को 1001 डाॅ. जितेन्द्र कुमार सिंह पटेल को 783, धर्मेन्द्र कुमार को 191, डाॅ. फरीद अंसारी को 169, डाॅ. बृजेश को 530 और रजनी को 527 वोट मिले. यूपी विधान परिषद चुनाव की वाराणसी शिक्षक और स्नातक सीट पर पहली बार सभी पर्टियों ने अपने उम्मीदवार उतारे थे.

MLC चुनाव में बीमार IAS की पत्नी को योगी सरकार ने हेलिकॉप्टर से बनारस पहुंचाया

वाराणसी में स्नातक सीट में भी भाजपा पीछे चल रही है. प्रथम वरीयता के तीसरे चरण की मतगणना के बाद सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा 2142 वोटों से भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह से आगे चल रहे थे. सपा के आशुतोष सिन्हा को 11511 और बीजेपी केदारनाथ सिंह को 9469 वोट मिल चुके हैं. मतगणना 6 चरणों में होनी है.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें