टैक्स फ्री इंटरेस्ट के साथ करें पीपीएफ से लॉंन्ग टर्म इनवेस्टमेंट, जानें फायदें

Smart News Team, Last updated: Fri, 20th Aug 2021, 7:52 AM IST
  • अगर आप भी निवेश करने की सोच रहे हैं तो पीपीएफ एक बेहतर विकल्प हो सकता है. इसका लाभ कोई भी व्यक्ति किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंक के माध्यम से जुड़कर ले उठा है. इसमें व्यक्ति अपने नाम या अपने नाबालिग बच्चे , अभिभावक के नाम पर अधिकतम डेढ़ लाख रुपये का सलाना निवेश कर सकता है.
पीपीएफ से लॉंग टर्म इनवेस्टमेंट, फोटो साभार-हिन्दुस्तान

पब्लिक प्रविडेंट फंड (पीपीएफ) एक लॉंन्ग टर्म निवेश है जो पूरी तरह सरकार की देख-रेख में होती है. यह निवेश रिटायरमेंट के बाद बेहतर जिन्दगी जीने का सुनहरा अवसर देता कराता है. इस प्लान का मैच्योरिटी पीरियड15 साल का होता है. इसे प्राथमिक लाक-इन के नाम से भी जाना जाता है. जरूरत पड़ने पर निवेशक इस अवधि को पांच साल के लिए एक से दो बार बढ़ा भी सकता है. साथ हीं कंपाउंडिंग करने पर पीपीएफ निवेश का ज्यादा लाभ मिलता है. निवेशक चाहे तो आकस्मिक स्वास्थ लाभ या शिक्षा के लिए समय से पहले भी इस अकाउंट को बंद या withdraw कर सकता है. 

पीपीएफ की ब्याज दर सरकार द्वारा हर तिमाही में तय की जाती है और निवेश पर मिलने वाला पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री होता है. नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक की मदद से आसानी से पीपीएफ एकाउंट खोला जा सकता है. पीपीएफ एकाउंट में व्यक्ति अधिकतम डेढ़ लाख रुपये सलाना एक या बारह बार निवेश कर सकता है.

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पीपीएफ अकाउंट से निकासी, रिएक्टिवेट और बंद करने के नियम- पोस्ट ऑफिस और बैंक नियमावली के अनुसार पीपीएफ अकाउंट खोलने के पांच साल बाद अपनी जमा रकम और ब्याज निकाल सकते हैं. अगर लम्बे समय तक निवेश की रकम न जमा की जाए तो ऐसे में पीपीएफ एकाउंट बंद हो जाता है. और इसे फिसे रीएक्टिव कराने के लिए पिछली छूटी निवेश रकम, 50 रूपए सलाना पेनाल्टी के साथ जमा करानी पड़ती है. कोई भी आज आदमी पीपीएफ में निवेश कर सकता है.

पीपीएफ अकाउंट को मैच्योरिटी से पहले बंद कराना- पीपीएफ अकाउंट को मैच्योरिटी की तारीख से पहले बंद करने की अनुमति तभी मिलती है जब उस अकाउंट ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में पांच साल की अवधि पूरी की हो. मेडिकल स्थिति या भारत/विदेश के किसी प्रतिष्ठित संस्थान में उच्च शिक्षा जैसे सिर्फ दो परिस्थिती में सम्बन्धित दस्तावेज दिखाने पर निवेशक को पीपीएफ एकाउंट मैच्योरिटी से पहले बंद करने की अनुमति मिलती है.

नाबालिक के नाम पर पीपीएफ का लाभ- नाबालिग के नाम से पीपीएफ अकाउंट का लाभ लिया जा सकता है. इसके लिए पिता या माता दोनों में किसी एक का होना जरूरी है. यदि माता और अभिभावक दोनो के पास पीपीएफ अकाउंट है तो दोनो एकाउंट में मिलाकर अधिकतम डेढ़ लाख और न्यूनतम पांच सौ रुपये तक निवेश किया जा सकता है. निवेश की रकम साल में न्यूनतम एक बार और अधिकतम बारह बार जमा किया जा सकता है. महीने के शुरुआती पांच दिऩ में रकम जमा करने पर उस महिने के ब्याज में लाभ मिलता है.

अधिकतर खाता खोलने की तारीख से 15 साल की मैच्योरिटी अवधि के बाद निकासी कर सकते हैं. लेकिन खाता खोलने की तारीख से सातवें वित्तीय वर्ष में आंशिक (पार्शियल) निकासी की जा सकती है. गौरतलब है कि पीपीएफ एकाउंट exempt-exempt-exempt (EEE) कर लाभ श्रेणी के अंतर्गत आता है. मतलब इस एकाउंट पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होता है.

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