वाराणसी: राजस्थानी मार्बल से चमकेगा PM मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ धाम

Smart News Team, Last updated: 27/08/2020 04:19 PM IST
  • श्री काशी विश्वनाथ धाम में अब पत्थर लगाने का काम शुरू हो गया है जिसके चलते यहां पर काम करने वाले कर्मचारियों की जरूरत महसूस की जा रही है. इसलिए यहाँ पर करीब डेढ़ हजार कर्मचारी की संख्या बढ़ाई जाएगी.
ऐसा होगा काशी विश्वनाथ धाम (फाइल फोटो)

 वाराणसी.  प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ धाम का जल्दी निर्माण करने के लिए उसके निर्माण कार्य में और तेजी लाने का फैसला किया गया है.कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम कौशलराज शर्मा व सीईओ के साथ ऑनलाइन बैठक में यह निर्णय लिया गया है. काम में तेजी केलिए यहां काम कर रहे कर्मचारियों की संख्या में डेढ़ हजार कर्मचारियों की बढ़ोतरी और की जाएगी. इसके साथ ही स्टोन वर्क का काम शुरू होने के बाद अब यहां पर ज्यादा मजदूरों और सहयोग की जरूरत भी महसूस की जा रही है.

श्री काशी विश्वनाथ की दीवारों में लगने वाला पत्थर जयपुर और माउंट आबू से मंगवाया जा रहा है. ऐसे में इन पत्थरों की ढुलाई के लिए भी और लोगों की जरूरत पड़ रही है.

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इसके अलावा काशी धाम में काम कर रहे लोगों का कोरोना टेस्ट कराने का भी निर्णय लिया गया है. इसके लिए निर्माण स्थल पर ही एंटीजन टेस्ट के द्वारा सभी कर्मचारियों का कोरोना का टेस्ट किया जाएगा. काशी विश्वनाथ धाम मंदिर के सीईओ गौरंग राठी ने बताया कि तय समय पर श्री काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण पूरा करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जा रही है.

आपको बता दें कि काशी विश्वनाथ धाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है इसके जरिए लोगों को कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी. गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु सीधे बाबा विश्वनाथ के दरबार में प्रवेश कर जाएंगे. यह इस ड्रीम प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता मानी जा रही है. इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए भोगशाला, यात्री सुविधा केंद्र, हैंडीक्राफ्ट और सोविनियर शॉप,मल्टीपरपज हॉल, गैलरी सिटी म्यूजियम, वैदिक केंद्र, फूड कोर्ट के अतिरिक्त धार्मिक पुस्तकों के स्टॉल भी बनाए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि इस तरह की सुविधा देने से वाराणसी में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी.

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गौरतलब है कि काशी विगत वर्षों से पर्यावरण प्रदूषण की समस्या झेल रही है. ऐसे में काशी विश्वनाथ धाम पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देगा. इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 60 फ़ीसदी निर्माण और 40 फ़ीसदी वन होगा. वन में रुद्राक्ष के पेड़ लगाए जाएंगे जो इस क्षेत्र का सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र होंगे. इसके अलावा धाम में सीवेज के ट्रीटमेंट के लिए 25 एमएलडी का एसटीपी भी बनाया जाएगा. साथ ही जला सेन घाट स्थित सीवेज सिस्टम को भी अंडरग्राउंड करके धाम क्षेत्र की नालियों से जोड़ा जाएगा.

काशी विश्वनाथ धाम में जलासेन और ललिता घाट के बीच एक मंच भी तैयार किया जा रहा है जो सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए होगा. इस मंच पर सालभर विभिन्न तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा. सांस्कृतिक और सामूहिक गतिविधियों के लिए मल्टीपरपज हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है.

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इस धाम में वाराणसी गैलरी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होगी क्योंकि इसमें भारत की आध्यात्मिकता को प्रदर्शित वाली गैलरी का निर्माण किया जा रहा है. साथ ही साथ काशी की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को संजोने के लिए विश्व काशी विश्वनाथ धाम में सिटी म्यूजियम भी बनाया जा रहा है. इसमें काशी की धरोहरों की ऐतिहासिक तस्वीरें और पेंटिंग को पर्यटकों के लिए रखा जाएगा.

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