वाराणसी: प्राइवेट स्कूल नहीं दे रहे गरीब बच्चों को स्कूल में एडमिशन, ये है वजह

Smart News Team, Last updated: 01/05/2021 05:01 PM IST
यूपी में निजी स्कूलों ने आरटीआई तहत क्लास नर्सरी से लेकर क्लास 8 तक के कमजोर वर्ग के बच्चों को नए सत्र में प्रवेश देने से मना कर दिया है. प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन से जुड़े स्कूलों ने बताया है कि बीते 3 सालों से यूपी सरकार ने आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों की पूरा फीस प्रतिपूर्ति नहीं भरा है.
नए सत्र से क्लास नर्सरी से आठवीं तक का एडमिशन नहीं लेगा यूपी का निजी स्कूल. (प्रतीकात्मक फोटो)

वाराणसी : उत्तर प्रदेश में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन से जुड़े निजी स्कूलों ने इस बार शिक्षा के अधिकार के कानून के तहत गरीब बच्चों को एडमिशन देने से मना कर दिया. निजी स्कूलों ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते 3 सालों से शिक्षा के अधिकार के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों की पूरी फीस नहीं भरी है. इसलिए निजी स्कूलों ने राइट टू एजुकेशन एक्ट का बहिष्कार किया है. और नए शैक्षिक सत्र 2021 और 22 के लिए निजी स्कूलों में बच्चों का एडमिशन नहीं दिया जाएगा. निजी स्कूल के संचालकों ने शिक्षा के अधिकार के तहत मिलने वाले फीस को वाजिब करने की भी मांग की है.

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन से जुड़े शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक वर्चुअल मीटिंग हुआ है. इस मीटिंग के दौरान प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष रामआसरे पटेल ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार प्राइवेट स्कूलों पर ध्यान नहीं दे रही है. अध्यक्ष रामआसरे पटेल ने कहा कि शैक्षिक सत्र 2011 और 2012 से शासन द्वारा शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए क्लास नर्सरी से लेकर क्लास आठवीं तक के बच्चों को इस योजना के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25% सीटों पर प्रवेश का लाभ दिया जा रहा है. जिससे धीरे-धीरे स्कूलों में प्रवेश बढ़ता जा रहा है. लेकिन पिछले तीन सालों से प्राइवेट स्कूलों को सरकार ने फीस ही नहीं दे पा रही है.

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प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के महासचिव रंजीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार केवल जुमलेबाजी कर रही है. सरकार निजी स्कूल के शिक्षक समाज से बेईमानी कर रही है. रणजीत सिंह ने आगे कहा कि निजी स्कूलों को आरटीई के तहत प्रवेश देने वाले बच्चों का फीस प्रतिपूर्ति के भुगतान पर प्रदेश सरकार से बातचीत हो रही है. अगर सरकार इस साल भुगतान नहीं करेगी तो सरकार इस साल शिक्षा के अधिकार के तहत प्रदेश में गरीब कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रवेश नहीं देगी. सरकार से इस वर्चुअल मीटिंग में प्राइवेट टीचर एसोसिएशन के रामआसरे पटेल, समलेश चंद्र पटेल, जय प्रकाश रावत, रंजीत सिंह कौशल कुशवाहा, रामसकल पटेल, चंद्रमणि वर्मा, विनोद सिंह, अभिषेक यादव, विकास पटेल, सतीश कुमार सिंह आदि लोगों ने सरकार के सामने अपनी बात रखी.

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