जल्द पता लगेगी रामसेतु की आयु, BHU के पूर्व छात्र के निर्देशन में हो रहा सर्वे

Shubham Bajpai, Last updated: Fri, 8th Oct 2021, 1:59 PM IST
  • रामेश्वरम में स्थित रामसेतु की आयु जानने के लिए सरकार द्वारा सिस्मिक और जियोकेमिस्ट्री सर्वे कराया जा रहा है. इस सर्वे के बाद न सिर्फ सेतु की आयु की जानकारी हो सकेगी बल्कि रामकथा की भी वैज्ञानिक पुष्टि हो जाएगी. यह सर्वे बीएचयू के पूर्व छात्र के निर्देशन में किया जा रहा है.
जल्द पता लगेगी रामसेतु की आयु, BHU के पूर्व छात्र के निर्देशन में हो रहा सर्वे

वाराणसी. भगवान राम से जुड़ी कथा रामचरित मानस और रामायण समेत जिन ग्रन्थों में लिखी है, उसमें हमेशा रामसेतु का वर्णन आता है जिसकी आयु को लेकर कई बार बहस हो चुकी है. जिसको लेकर अब सरकार इस सेतु का सिस्मिक और जियोकेमिस्ट्री सर्वे करने जा रही है. इसके जरिए इसकी आयु का पता चल सकेगा. यह सर्वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पूर्व छात्र व समुद्र विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील कुमार सिंह के निर्देशन में किया जा रहा है. इस सेतु की तस्वीर नासा ने 2007 में ली थी और एक अध्ययन में दावा किया गया था कि ये मानवनिर्मित विश्व की सबसे पुरानी सेतु सरंचना है.

बता दें कि हिंदू धर्म ग्रन्थ के अनुसार, भगवान राम लंका के राजा रावण को हराने के लिए रामेश्वरम से लंका इसी सेतु से गए थे. इस सेतु का निर्माण उनकी वानर सेना द्वारा किया गया था. प्रमुख 65 रामायण के अनुसार इस सेतु से राम व वानर सेना ने लंका की ओर कूच की थी.

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बीएचयू के पूर्व छात्र व समुद्र विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि रामसेतु की ऐतिहासिक व पौराणिक धरोहर के अध्ययन के साथ इनके परीक्षणों से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम जारी है. इस सेतु की लंबाई 48 किमी और चौड़ाई तीन किमी है.

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प्रो. सुनील कुमार ने बताया कि संस्थान की टीम ने रामसेतु पहुंचकर अध्ययन शुरू कर दिया है. अभी अध्ययन के लिए वहां से महत्वपूर्ण सैंपल लिए जा रहे हैं. जल्द उनका परीक्षण शुरू किया जाएगा, वहीं, अब सेतु का सिस्मिक व जियोकेमिस्ट्री सर्वे होगा. जिससे जल्द ही सेतु की उम्र वैज्ञानिक तरीके से पता चल जाएगी.

 

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