वाराणसी के लंका थाने में विसरा रखने की नहीं है जगह, बदबू ने पुलिसकर्मियों की बढ़ाई परेशानी

ABHINAV AZAD, Last updated: Fri, 29th Oct 2021, 2:20 PM IST
  • वाराणसी के लंका थाने में सैकड़ों से अधिक संख्या होने के कारण विसरा रखने के लिए जगह नहीं बची है. साथ ही इससे आने वाली बदबू ने पुलिसकर्मियों की परेशानी बढ़ा दी है. इस बाबत पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट भेजकर विसरा रखवाने के लिए जगह मुहैया कराने की मांग की गई है.
(प्रतीकात्मक फोटो)

वाराणसी. बीएचयू पोस्टमॉर्टम हाउस में शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद विसरा रखने की जगह नहीं है. दरअसल, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अस्पष्ट होने पर विसरा जांच के लिए रख लिया जाता है. जरूरत पड़ने पर कोर्ट के आदेश पर विसरा की जांच कराई जाती है. विसरा को थाने के कार्यालय में रखा जा रहा है. बीएचयू से दो माह के लिए पोस्टमॉर्टम हाउस शिवपुर भेजा गया. शिवपुर में शवों का अंतिम परीक्षण होने के बाद कर्मचारी विसरा लंका थाने पहुंचा देते हैं. सैकड़ों से अधिक संख्या होने के कारण विसरा रखने के लिए जगह नहीं बची हैं.

दरअसल, थाने में बने कमरे में विसरा रखना पुलिसकर्मियों के लिए सिरदर्द बन गया है. सामान निकालते समय थोड़ी से चूक होने पर विसरा भरा जार टूट जाएगी. विसरा भरा जार टूटने पर मुकदमें में जरूरत पड़ने पर कहा से दिया जाएगा. इस बात को लेकर थाने के हेड मुहर्रिर से लेकर मुंशी इंस्पेक्टर तक परेशान रहते हैं. थाने के कमरे में विसरा रखने के लिए जगह तक नहीं बचा है. विसरे को कमरे में किसी तरह संजोकर रखते हैं. कमरे में बड़ी संख्या में रखे विसरा के निकलते बदबू से कार्यालय में बैठने वाले कर्मचारियों को दिक्कत होती है. जबकि विसरा को रखने के लिए रिजर्व पुलिस लाइन में बने कमरे में आलमारियों शीशे के पाट में बन्द रखने का निर्देश है. पिछले तीन साल से पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा लंका थाने में रखा जाने लगा. तब विसरा लंका थाने में ही रखा जाने लगा.

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इस बाबत लंका इंस्पेक्टर के निर्देश पर थाने के हेड मुहर्रिर ने पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट भेजकर विसरा रखवाने के लिए जगह मुहैया कराने की मांग की है. बताते चलें कि पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा में मृतक के गुर्दे का कुछ हिस्सा, किडनी का हिस्सा, आंत का कुछ भाग और पेट की थैली रखी जाती है. विसरे से बदबू न निकलने पाए इसके लिए ऊपर से कैमिकल्स युक्त दवाइयां डाली जाती है. बीच बीच में दवाइयों को डाला जाता है, लेकिन थाने के कमरे में रखे विसरा में दोबारा कभी दवा पड़ी ही नहीं. इसके कारण बदबू निकलता रहता है.

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