जल्द ही वाराणसी के नाम से जाना जाएगा काशी का मंडुआडीह रेलवे स्टेशन

Smart News Team, Last updated: 23/02/2021 01:42 PM IST
  • मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम बनारस रेलवे स्टेशन नामकरण की फाइल गृह मंत्रालय की प्रक्रिया में है. जल्द ही इस स्टेशन का नाम बदल जाएगा.
मंडुआडीह रेलवे स्टेशन (फाइल तस्वीर)

वाराणसी: पिछले वर्षो की अपेक्षा इस वर्ष रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए 33 फ़ीसदी अधिक बजट का प्रावधान किया गया है.जिससे रेलवे स्टेशनों की क्षमता तथा यात्रियों की सुविधा को बढ़ाया जाएगा. साल 2023 तक सभी रेलगाड़ियों का विद्युतीकरण करा लिया जाएगा. मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम बनारस रेलवे स्टेशन नामकरण की फाइल गृह मंत्रालय की प्रक्रिया में है. जल्द ही इस स्टेशन का नाम बदल जाएगा. 

यह बात सोमवार को मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने आए रेलवे बोर्ड मेंबर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदीप कुमार में मीडिया के समक्ष कही. रेलवे स्टेशन के वीआईपी लाउंज में प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में रेलवे बोर्ड को केंद्र सरकार की ओर से 33 फ़ीसदी अधिक बजट प्राप्त हुआ है. इस धनराशि से रेलवे स्टेशनों की क्षमता तथा यात्रियों की सुविधाओं को विकसित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि साल 2023 के अंत तक सभी रेलगाड़ियों का विद्युतीकरण किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा. मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम बनारस रेलवे स्टेशन करने के सवाल पर रेलवे बोर्ड के सदस्य प्रदीप कुमार ने बताया कि इसको लेकर प्रक्रिया जारी है. 

BHU में दूसरे दिन भी जारी रहा छात्रों का प्रदर्शन, आसपास के इलाकों में लगा जाम

इस आशय की प्रस्तावित फाइल गृह मंत्रालय को प्रेषित की जा चुकी है. जल्द ही इस स्टेशन का नाम बनारस रेलवे स्टेशन घोषित कर दिया जाएगा. इससे पूर्व रेलवे बोर्ड मेंबर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदीप कुमार ने डीआरएम विजय कुमार पंजियार, एडीआरएम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रवीण कुमार व अन्य रेलवे अधिकारियों के साथ मंडुआडीह स्टेशन का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान रेलवे बोर्ड सदस्य ने महिला व पुरुष वातानुकूलित प्रतीक्षा लयों का निरीक्षण किया. रेलवे स्टेशन भवन के प्रथम तल पर स्थित डॉरमेट्री रूम व रिटायरिंग रूम का भी निरीक्षण किया.

यहां उन्होंने गीजर लगाने के भी निर्देश दिए. इसके बाद रेलवे बोर्ड मेंबर ने अधिकारियों के साथ सारनाथ रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया. उन्होंने स्टेशन अधीक्षक एसपी सिंह से क्षेत्रीय लोगों की मांग के बारे में पूछा तो उन्होंने इंटरसिटी व चोरी चोरा एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की बात कही. जिस पर रेलवे बोर्ड मेंबर ने अधिकांश ट्रेनों के ठहराव का आश्वासन देते हुए सारनाथ से भटनी रेल खंड में ट्रेनों की स्पीड को 100 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए.

सांस्कृतिक समाजवाद का शिक्षण देने वाला पहला विश्वविद्यालय बनेगा बीएचयू

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें