अपने हौसले से सिद्ध कर रही सुमेधा, कि अभिशाप नहीं दिव्यांगता

Smart News Team, Last updated: Tue, 12th Jan 2021, 7:53 PM IST
रीड की हड्डी में संक्रमण के कारण निचला हिस्से से दिव्यांग होने के बावजूद वाराणसी की सुमेधा का हौसला चट्टान की तरह ऊंचा और शक्तिशाली है. निशानेबाजी में महारत हासिल कर स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली सुमेधा युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन कर उभरी है.
अपने हौसले से सिद्ध कर रही सुमेधा, कि अभिशाप नहीं दिव्यांगता

वाराणसी . काशी के मानव नगर मैं रहने वाली दवा व्यवसाई की पुत्री सुमेधा को साल 2013 में स्वास्थ्य संबंधी समस्या आई. मेडिकल जांच कराई गई, रीड की हड्डी में इंफेक्शन बताया गया. इंफेक्शन इतना था कि सुमेधा का कमर के नीचे का निचला हिस्से ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया. सुमेधा ने सीबीएसई इंटरमीडिएट की परीक्षा की स्पेशल कैटिगरी में पहला स्थान प्राप्त किया. राज्य सरकार की ओर से उन्हें लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार भी प्रदान किया गया.

खेल में 28 वीं ऑल इंडिया जीबी मालवंकर शूटिंग चैंपियनशिप 2018 में बेहतर प्रदर्शन कर सुमेधा ने कांस्य पदक प्राप्त किया. जबकि मेरठ में आयोजित स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में दिव्यांग सुविधा गोल्ड मेडल प्राप्त कर प्रथम विजेता बनी. शिक्षा खेल जगत के साथी सुमेधा एंकरिंग के क्षेत्र में भी अव्वल है. कार्यक्रम में सुमेधा की एंकरिंग सुनकर मौजूद लोग आश्चर्य करते हैं. अपने दर्द को भूलकर सुमेधा दूसरों का दर्द कम करने के लिए समाज सेवा भी करती हैं. वह जहां स्वयं नहीं जा पाती हैं वहां अपने माता पिता को भेजती हैं.

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13 जनवरी को अंश जल फाउंडेशन तथा पैरा एकेडमी की तरफ से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दिव्यांग जनों के लिए 1 किलोमीटर की व्हील चेयर रेस का आयोजन किया गया है इसका उद्देश्य दिव्यांगों का आत्मविश्वास बढ़ाना है और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है.यह आयोजन सुमेदा की पहल पर ही किया जा रहा है.

 

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