शिक्षकों को खुद करना होगा अपना मूल्यांकन, बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश

Smart News Team, Last updated: Tue, 2nd Feb 2021, 2:52 PM IST
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों को खुद अपना मूल्यांकन करना होगा इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने आदेश भी जारी किया है. शिक्षकों को स्कूल के रखरखाव से लेकर शिक्षा गुणवत्ता का भी ध्यान रखना होगा.
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को मानव संपदा पोर्टल पर खुद का मूल्यांकन करना होगा.

वाराणसी. बेसिक शिक्षा विभाग के नए नियम के अनुसार मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों को खुद का मूल्यांकन करना है. इस नए नियम को लेकर शिक्षकों में नाराजगी है. इस नियम के अनुसार स्कूलों के रखरखाव से लेकर शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित करने में उनकी जिम्मेदारी तय की गई है.

आपको बता दें कि मूल्यांकन में प्रत्येक कार्य के लिए अंक निर्धारित किए गए हैं. यदि कोई प्रधानाध्यापक ऑपरेशन कायाकल्प के सभी मांगों को पूरा करता है तो उसे 10 अंक दिए जाएंगे. इसी तरह औसत छात्र उपस्थिति, प्रधानाध्यापक का औसत उपस्थिति प्रतिशत, लर्निंग आउटकम की अंतिम परीक्षा में मिले ग्रेड, दीक्षा पोर्टल के उपयोग, एसएमसी की बैठक, पुस्तकालय का प्रयोग आदि पर अलग-अलग मानक निर्धारित किए गए हैं. इसके अलावा सहायक अध्यापकों के लिए आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वेक्षण और नामांकन, छात्रों की औसत उपस्थिति, लर्निंग आउटकम परीक्षा में मिला ग्रेड, दीक्षा पोर्टल का उपयोग आदि के लिए भी मानक तय किए गए हैं. साथ ही आपको बता दें कि शिक्षक जब स्वमूल्यांकन कर लेंगे तो बीईओ इसकी गोपनीय रिपोर्ट तैयार करेंगे. यह व्यवस्था इसी शिक्षा सत्र में लागू होगी. 15 अप्रैल तक शिक्षकों को स्वमूल्यांकन करना होगा. इसके बाद 15 मई तक बीईओ प्रविष्टि अपलोड करेंगे. इसके अतिरिक्त बीएसए 31 मई को अंतिम रूप से प्रविष्टि देंगे.

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शिक्षकों का कहना है कि यह व्यवस्था ठीक नहीं है क्योंकि इससे शोषण और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा. उनका कहना है कि उन्हें उन कार्यों के लिए जिम्मेदार बनाया जा रहा है जो उनका नहीं है. शिक्षक संगठनों ने प्रदेश स्तर पर इसका विरोध करना शुरू कर दिया है. इसके अलावा बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि यह शासन की नीति है और इसका पालन शिक्षकों को करना होगा.

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