तुलसी की खेती कर यूपी के उदय ने किस्मत जगाई, घर बैठे हो रही है मोटी कमाई

Smart News Team, Last updated: Tue, 5th Jan 2021, 6:55 PM IST
तुलसी की खेती कितनी लाभदायक है इसकी बानगी उदय बहादुर से मिलकर पता लगाई जा सकती है. पहले जहां अपनी थोड़ी सी भूमि पर अनाज उगाकर दो जून की बमुश्किल रोटी का इंतजाम कर पाने वाले उदय बहादुर ने तुलसी की खेती करके प्राप्त हुई आय से अपने बेटे को इंजीनियर बनाकर उसकी तकदीर संवार दी है.
तुलसी की खेती कर उदय ने किस्मत जगाई, 60 से 90 हजार रुपए तक की कर रहे कमाई

वाराणसी. यूपी के काशी के निकटवर्ती गांव टिकरी के रहने वाले उदय बहादुर कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. उनके हिस्से में 6 बीघा जमीन थी. उसी जमीन पर मोटा अनाज उगाकर जैसे तैसे परिवार का पेट पाल रहे थे. तकरीबन 2 साल पहले उनकी मुलाकात एक कृषि कर्मचारी से हुई. उस कर्मचारी ने उन्हें तुलसी की खेती करने की सलाह दी. इसके लिए उक्त कर्मचारी ने उन्हें औद्योगिक खेती के तहत हल्का फुल्का प्रशिक्षण भी दिया.

एक उम्मीद के साथ उदय बहादुर ने अपनी 6 बीघा खेती में से 2 बीघा खेती की जमीन पर तुलसी की फसल बोई. शेष 4 बीघा जमीन में उन्होंने अपने खाने भर के गेहूं अरहर बाजरा आदि मोटा अनाज उगाया. तुलसी की खेती कर व्यवसायिक कृषि के क्षेत्र में उतरे उदय बहादुर को पहली ही बार में लाभ दिखाई देने लगा.

होटल में कई लड़की और लड़कों संग पति मना रहा था रंगरेलियां, पहुंच गई पत्नी और...

फिर क्या था पिछले साल उन्होंने 4 बीघा जमीन पर तुलसी की फसल उगाई. पूरे साल चलने वाली इस तुलसी के पौधों की उदय प्रताप प्रतिदिन तकरीबन 1 कुंतल पत्तियां बाजार में बेच रहे हैं जिससे उनको प्रतिदिन तकरीबन 2 से 3000 की आमदनी हो रही है. आमदनी बढ़ी तो हिम्मत भी बड़ी परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुधरी आज हालत यह है कि उदय बहादुर ने तुलसी की फसल के दम पर अपने बेटे को पढ़ा लिखा कर इंजीनियर बना दिया है.

कॉमेडियन ने उड़ाया देवी-देवताओं का मजाक, बीजेपी MLA के बेटे का विरोध, 5 अरेस्ट

कृषि विषय से इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त करने वाले 62 वर्षीय उदय बहादुर बताते हैं कि एक बीघा तुलसी की फसल तैयार करने में पानी खाद बीज कीटनाशक दवाओं और मजदूरी को मिलाकर कुल 5000 की लागत आती है. बताया कि तुलसी की पौधों की पत्तियां बाजार में अच्छे दामों में बिक जाती हैं जिससे मोटी आय भी हो जाती है. उन्होंने बताया कि तुलसी की फसल गर्मियों के दिनों में 40 फ़ीसदी कम होती है सिंचाई भी 6 से 8 दिन के अंतराल में करनी पड़ती है. गर्मी के दिनों में तुलसी की पत्तियों की कीमत भी बढ़ी हुई मिलती है. बरसात बारे में 20 से 25 दिनों के अंतराल में सिंचाई करनी होती है. 

धोनी की ऑर्गेनिक खेती, दुबई एक्सपोर्ट होंगी माही के फार्म हाउस में उगी फल-सब्जी

उन्होंने बताया कि तुलसी की पैदावार कर अब उनके परिवार के छह सदस्यों की गाड़ी आसानी से चल रही है. आज उदय बहादुर का नाम क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों की सूची से जुड़ गया है. उन्होंने क्षेत्रीय किसानों से व्यवसाय खेती करने की अपील की है.

पति ने होटल में रेड मारकर आशिक संग रंगरेलियां मनाती बीवी को रंगे हाथ पकड़ा

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें