कृषि कानूनों पर जेडीयू में दो राय, केसी त्यागी बोले- अनिश्चिकाल के लिए स्थगित हो

Smart News Team, Last updated: 07/03/2021 04:27 PM IST
  • जद-यू के महासचिव केसी त्यागी ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा की जो 140 करोड़ लोगों का पेट भर रहे हैं उनकी संतुष्टि जरूरी है. पालिटिकल लीडर की संतुष्टि आवश्यक नहीं है. उन्होंने कहा की कृषि कानूनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर देना चाहिए.
कृषि कानूनों पर जेडीयू में दो राय, केसी त्यागी बोले- अनिश्चिकाल के लिए स्थगित हो

वाराणसी: तीन कृषि कानूनों को लेकर अब जनता दल यूनाइटेड में ही दो राय देखने को मिल रहा है. रविवार को एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाराणसी पहुंचे जद-यू के महासचिव केसी त्यागी ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा की जो 140 करोड़ लोगों का पेट भर रहे हैं उनकी संतुष्टि जरूरी है. पालिटिकल लीडर की संतुष्टि आवश्यक नहीं है. उन्होंने कहा की कृषि कानूनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर देना चाहिए. बता दें कि पिछले महीने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार ने तीनों कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए कहा था कि ये कानून किसानों के हित में हैं.

जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी वाराणसी एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि किसानों का मुद्दा जायज है और ऐसा नहीं कहा जा सकता कि यह 6 साल में हुआ है. यह कई साल से चला रहा है. लंबी गुलामी और लंबे शोषण का नतीजा है. हम चाहते हैं कि किसान संगठन और सरकार मिलकर इसका कोई हल निकालें.

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एमएसपी पर बने कानून

जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि सरकार कह रही है की तीन कृषि कानून डेढ़ साल के लिए स्थगित किया जाए. लेकिन हमारा मानना है इसे अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि एमएसपी के लिये लिखित आश्वासन देने के लिए सरकार तैयार है, हम चाहते हैं यह कानून का हिस्सा बने और किसानों पर जो लंबित मुकदमें हैं वो वापस किये जायें. किसान भारत माता की जय बोलकर अपने गांव चले जाएं.

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पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत घटे

पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य वृद्धि से रसोईं का बजट बिगड़ा है. आम आदमी भी प्रभावित हुआ है और किसानी भी इससे प्रभावित हुई है. जनता के हितों को देखते हुए पेट्रोलियम के दाम वापस लिए जाने चाहिए. यूपी में 2022 में होने वाले चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि पिछली बार हम चुनाव नहीं लड़े उसका अफसोस है, आगामी चुनाव में हम मैदान में उतरेंगे.

 

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