2023 तक डीजल इंजन से मुक्त होगा रेलवे, इलेक्ट्रिक से दौड़ेंगी ट्रेनें: पीयूष गोयल

Smart News Team, Last updated: Wed, 10th Mar 2021, 11:58 PM IST
  • बनारस रेल इंजन  कारखाना बरेका से बुधवार को मोजांबिक के लिए रेल इंजनों को रवाना किया गया. रेल मंत्री पीयूष गोयल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए. उन्होंने कहा कि 2023 तक रेलवे डीजल मुक्त होगा और इलेक्ट्रिक से ट्रेने दौड़ेंगी.
बनारस रेलवे कारखाना से से मोजांबिक के लिए रेल इंजनों को रवाना किया गया है.

वाराणसी. केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत में यात्री और फ्रंट ट्रेनें दिसंबर 2023 तक डीजल से मुक्त हो जाएगी. ट्रेनें सिर्फ विद्युत रेल इंजनों से दौडेंगी. भारत ऐसा करने वाला पहला देश बनेगा. बुधवार को बनारस से मोजांबिक के लिए रेल इंजनों को रवाना किया गया है. रेल इंजनों को हरी झंडी दिखाने से पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित किया.

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय रेल की इस उपलब्धि से न केवल यात्रियों को सहूलिहत होगी बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम होने से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम होगा. उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में बनारस रेल इंजन कारखाना का अहम योगदान है. ये कारखाना पिछले तीन साल में बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिक इंजन तैयार कर रहा है. आगे भी बरेका इसमें बराबर योगदान देता रहेगा.

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पीयूष गोयल ने मोजांबिक को भारत का करीबी देश बताते हुए कहा कि दोनों देशों में कई समानताएं हैं. दोनों देश लोकतांत्रिक हैं, दोनों ही देश की खोज वास्कोडिगामा ने की है. दोनों देश मेहनत से विकास के पथ पर अग्रसर हैं. उन्होंन कहा कि मुंबई और गोवा में मोजांबिक का समुदाय रहता है.

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केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल के संबोधन के बाद रेल मंत्री कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीएमडी सुनित शर्मा ने मोजांबिक भेजे जाने वाले इंजन को हरी झंडी दिखाई. इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मोजांबिक से परिवहन और संचार मंत्री जनफर अब्दुलाई भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे. आपको बता दें कि मोजांबिक को 6 डीजल रेल इंजन और 90 स्टील के यात्री डिब्बे दिए जाने का करार हुआ है.

 

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