UP में ममता बनर्जी का खेला, कमलापति त्रिपाठी के पोते राजेश, प्रपौत्र ललितेश TMC में

Ankul Kaushik, Last updated: Mon, 25th Oct 2021, 5:24 PM IST
  • उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेता रहे राजेश पति त्रिपाठी और ललितेश पति त्रिपाठी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. यूपी के पूर्व सीएम कमलापति त्रिपाठी के पौत्र राजेश पति त्रिपाठी और राजेश के बेटे ललितेश पति त्रिपाठी पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी में शामिल हुए.
कांग्रेस नेता राजेश पति त्रिपाठी व ललितेश पति त्रिपाठी टीएमसी में शामिल (फोटो क्रेडिट एएनआई)

वाराणसी. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता रहे राजेश पति त्रिपाठी और ललितेश पति त्रिपाठी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के पौत्र राजेश पति त्रिपाठी और राजेश के बेटे ललितेश पति त्रिपाठी पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी में शामिल हुए. टीएमसी में इन दोनों नेताओं के जाने से कांग्रेस को यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका लगा है. क्योंकि इन दोनों नेताओं का कांग्रेस के साथ चार पीड़ी से नाता रहा है लेकिन अब यह नाता टूट गया है. बता दें कि ललितेश पति त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमला पति त्रिपाठी के परपोते हैं. उनके पिता राजेश पति त्रिपाठी कांग्रेस के पूर्व एमएलसी रह चुके हैं. हाल ही में ललितेश ने अपने औरंगाबाद आवास पर कांग्रेस के सारे पद छोड़ने का ऐलान किया था.

बता दें कि त्रिपाठी परिवार यूपी में कांग्रेस के लिए बड़ा ब्राह्मण चेहरा रहा है पूर्वांचल में इनके दम पर कांग्रेस को वोट भी मिलता था. हालांकि अब इन दोनों के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस की पूर्वांचल में वोट बैंक पर काफी असर पड़ेगा. वहीं कांग्रेस छोड़ टीएमसी में राजेश और ललितेश का जाना कुछ लोगों को अजीब लग रहा है क्योंकि यूपी की राजनीति में टीएमसी का कोई खास वजूद नहीं है.

कमलापति त्रिपाठी के परपोते और पूर्व MLA ललितेश का कांग्रेस से इस्तीफा

ललितेश पति त्रिपाठी ने कांग्रेस छोड़ते समय कहा था कि मैं कांग्रेस से मैंने इस पार्टी को इसलिए छोड़ा है कि कार्यकर्ताओ की अनदेखी से मुझे तकलीफ थी. कांग्रेस पार्टी में सब कुछ समर्पित करने वालों की अनदेखी हो रही है. ललितेश ने 2012 में मड़िहान विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी और मिर्जापुर से 2019 में लोकसभा चुनाव में हार गये थे. 

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