मार्तण्ड शाही मर्डर केस: पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट, संपत्ति हड़पने की साजिश का खुला राज

Swati Gautam, Last updated: Sun, 14th Nov 2021, 12:49 PM IST
  • वाराणसी के मार्तंड शाही की कानपुर में हत्या के 8 आरोपियों के खिलाफ वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने 90 दिन में अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. जानकारी अनुसार एनटीपीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी की हत्या उनकी करोड़ों की संपत्ति को हथियाने के लिए की गई थी.
मार्तण्ड शाही मर्डर केस: पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट, संपत्ति हड़पने की साजिश का यूं खुला राज. file photo

वाराणसी. वाराणसी के छावनी क्षेत्र स्थित बुद्ध विहार मार्ग निवासी एनटीपीसी के रिटायर्ड अफसर मार्तंड शाही की हत्या के मामले की गुत्थी सुलझा दी गई है. बता दें कि मार्तंड शाही की हत्या के 8 आरोपियों के खिलाफ वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने 90 दिन में अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. जानकारी अनुसार एनटीपीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी की हत्या उनकी करोड़ों की संपत्ति को हथियाने के लिए की गई थी. आरोपी मार्तंड शाही को कानपुर में बिजनेस डील के बहाने ले गए और चलती गाड़ी में हत्या कर लाश कानपुर के थाना नौबस्ता में फेंकी थी. इस हत्या को सुसाइड जैसा दिखाने के लिए आरोपियों ने बुजुर्ग के मोबाइल से कानपुर में रहने वाले उसके दामाद रिषी त्रिपाठी को एक सुसाइड नोट भी भेजा था.

सात अगस्त की इस घटना में उनके बेटे अमित शाही ने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. वाराणसी पुलिस ने एक एक कड़ियां जोड़ कर रिकॉर्ड टाइम में न सिर्फ इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की, बल्कि मजबूत चार्जशीट भी समय से दाखिल किया. बता दें कि इस हत्याकांड में राजेश चौहान और उसकी पत्नी कंचन चौहान ,मुंबई निवासी रामप्रवेश तिवारी, वाराणसी निवासी अखिलेश ठाकुर और निग्वेंद्र सिसौदिया आदि का हाथ था, जिनकी गिरफ्तारी हो चुकी है. इस केस में प्रोफेशनल क्राइम इन्वेस्टीगेशन और वैज्ञानिक साक्ष्यों का भरपूर इस्तेमाल किया गया है.

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पुलिस के अनुसार एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी की हत्या करोड़ों की संपत्ति हथियाने के लिए की गई थी. एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी वाराणसी निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग मार्तंड शाही अकेलेपन का शिकार थे.आरोपी रिटायर्ड अधिकारी के अकेलेपन का फायदा उठाते हुए पहले उसके करीब आ गया और उनकी हत्या का प्लान बनाते हुए साजिश रची और मर्डर कर दिया. पुलिस को बुजुर्ग की जेब में बनारस से वाया लखनऊ कानपुर की एक बस टिकट मिला था, जिसके आधार पर हत्या की गुत्थी को सुलझाया गया. आरोपी ने रिटायर्ड अधिकारी को कानपुर में एक पार्टी में शामिल कराने के बहाने वहां ले गए थे. सफर के दौरान ही कानपुर के रामादेवी से नौबस्ता के बीच बुजुर्ग की गला दबाकर हत्या कर दी और बुजुर्ग की लाश को ठिकाने लगा दिया गया. कानपुर में शव इसलिए फेकने का प्लान बनाया ताकि मामला सीमा विवाद में उलझ कर रह जाए.

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