वाराणसी में आर्थिक तंगी से जूझ रहे कैशियर ने फांसी लगाकर दी जान

Smart News Team, Last updated: 11/06/2021 02:37 PM IST
  • वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के सामने घाट स्थित नाले किनारे एक बैंक कर्मचारी ने बबूल के पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. 54 वर्षीय यदुनंदन सिंह चांदपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में कैशियर थे. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. 
वाराणसी में बैंक कर्मचारी ने पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या की( सांकेतिक फोटो )

वाराणसी. वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के सामने घाट स्थित नाले किनारे एक बैंक कर्मचारी ने बबूल के पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. 54 वर्षीय यदुनंदन सिंह चांदपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में कैशियर थे. बताया जा रहा है की घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वे काफी तनाव में रहते थे. जिसके कारण उन्हें शराब पीने की लत लग गई. बीते पंद्रह दिन से यदुनंदन बैंक नहीं जा रहे थे. जिसके बाद शाखा प्रबंधक ने फटकार भी लगाई थी. गुरुवार की दोपहर यदुनंदन घर दिनचर्या में घूमने निकले. जिसके बाद वे लौटकर घर नहीं आए.

शुक्रवार की सुबह पेड़ से लटकता शव देखकर राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस शव की शिनाख्त कराने के प्रयास में जुट गई. सबसे पहले बड़ा बेटा कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचा. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. यदुनंदन सिंह मूल रूप से सोनभद्र के रहने वाले थे. पिछले 20 साल से सामनेघाट सर्वेश्वरी नगर में घर बनवाकर परिवार के साथ रहते थे. परिवार में तीन बेटे कुलदीप सिंह, संदीप सिंह, सज्जन सिंह और बेटी 19 साल की लक्ष्मी सिंह हैं. कुलदीप एनजीओ में खाना बांटने का काम करता है. संदीप सिंह लंका स्थित एक्ससीस बैंक में कैशियर हैं. सज्जन फिलहाल कुछ नहीं करता.

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पूछताछ के दौरान बताया गया कि बेटे कुलदीप की पत्नी गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गई थी. जिसका डायलिसिस कराने में महीने में हजारों रुपये का खर्च आता था. घर की जिम्मेदारी आय से अधिक होने के कारण यदुनंदन भीतर से टूट गए और शराब पीने लगे. शराब का लती होने के कारण परिवार वाले उनको वेतन से मिलने वाले 10 हजार रुपये ही देते थे. बाकी से दवा और घर का खर्च चलता था. बेटे कुलदीप की नौकरी नहीं होने कारण भी यदुनंदन काफी तनाव में रहते थे. जब वे घर से घूमने निकले लेकिन पूरी रात नहीं लौटे तो परिजनों ने देर रात उन्हें ढूंढा, लेकिन वे नहीं मिले. राहगीरों ने जब यदुनंद की लाश पेड़ से लटकी देखी तो तुरंत पुलिस को सूचना दी. पत्नी गायत्री का अभी तक रो रोकर बुरा हाल है.

 

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