PM मोदी के गढ़ काशी में हुंकार भरेंगी ममता बनर्जी, सपा को दिया खुला समर्थन

Sumit Rajak, Last updated: Mon, 21st Feb 2022, 7:31 AM IST
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भले ही ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी चुनाव नहीं लड़ रही है, लेकिन बीजेपी को हराने के लिए रणनीति बनाने में जरूर लगी है. अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को ममता बनर्जी ने खुला समर्थन दिया हुआ है. लखनऊ में अखिलेश के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के बाद ममता बनर्जी 3 मार्च को बनारस में सभा और रोड-शो करने जा रही हैं.
पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)

वाराणसी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भले ही ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी चुनाव नहीं लड़ रही है, लेकिन बीजेपी को हराने के लिए रणनीति बनाने में जरूर लगी है. अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को ममता बनर्जी ने खुला समर्थन दिया हुआ है. लखनऊ में अखिलेश के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के बाद ममता बनर्जी 3 मार्च को बनारस में सभा और रोड-शो करने जा रही हैं. समाजवादी पार्टी ने ममता के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता किरणमय नंदा और युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास यादव 22 फरवरी को वाराणसी पहुंच रहे हैं. प्रत्याशियों के साथ बैठक करने के अलावा ममता बनर्जी के आगमन को लेकर पूरी प्लानिंग तैयार की जाएगी.

ममता बनर्जी के निशाने पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर वाला इलाका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के गढ़ में जाकर उन्हें लगातार चैलेंज कर रहे थे. अब उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी पीएम मोदी के गढ़ में पहुंचकर उन्हें ललकारने की तैयारी में हैं. इससे पहले ममता बनर्जी ने लखनऊ में अखिलेश यादव के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा था, बता दें कि लखनऊ से उन्होंने उत्तर प्रदेश में खेला होबे का नारा देते हुए वाराणसी आने की घोषणा भी की थी. ममता बनर्जी ने वाराणसी में जनसभा के साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर में दीया जलाने की बात कही थी.

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ममता बनर्जी बंगाल के वोटर्स के साथ ही भाजपा के सबसे मजबूत किले वाराणसी दक्षिणी में सेंधमारी की कोशिश करेंगी. वाराणसी दक्षिणी में बड़ी संख्या में बंगाली समाज के लोग रहते हैं. इन इलाकों में ममता डोर टू डोर जनसंपर्क भी कर सकती हैं. वाराणसी दक्षिणी से लगातार सात बार भाजपा के विधायक रहे श्यामदेव राय चौधरी भी बंगाली कम्युनिटी से ही आते हैं. पिछली बार भाजपा ने नीलकंठ तिवारी को मैदान में उतार दिया था. इस बार भी नीलकंठ ही भाजपा से मैदान में हैं.

वाराणसी दक्षिणी में ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर 

बता दें कि बीजेपी जहां विश्वनाथ कॉरिडोर को एक मॉडल की तरह पेश कर रही है, वहीं ममता बनर्जी यहां से विस्थापित हुए लोगों के दर्द पर मरहम लगाने का काम करेंगी. उनका दीया जलाने की बातें करने को इसी का संकेत माना जा रहा है.  सपा नेताओं ने बताया कि हजारों लोगों के साथ अन्याय हुआ है. विश्व प्रसिद्ध विश्वनाथ गली को तबाह कर दिया गया है. वहां के कारोबारी परेशान हैं. ऐसे में ममता बनर्जी इन लोगों की सहानुभूति लेने की कोशिश करेंगी. वहीं पिछली बार काशी विश्वनाथ कॉरिडोर वाले वाराणसी दक्षिणी सीट पर बीजेपी सबसे कम अंतर से जीती. वाराणसी की पांचों सीटों से तुलना करें तो यहां बीजेपी को सबसे कम वोट भी मिले थे. भाजपा की जीत का अंतर भी बेहद कम था. बनारस की अन्य सीटों के मुकाबले कांग्रेस-सपा गठबंधन के प्रत्याशियों ने सबसे ज्यादा 75 हजार वोट हासिल किये थे. समाजवादी पार्टी ने इस बार वाराणसी दक्षिणी सीट पर महामृत्युंजय मंदिर के महंत परिवार के किशन दीक्षित को मैदान में उतारा है. वही ऐसे में दक्षिणी में सपा उलटफेर की फिराक में लगी है सपा अगर जीतने में वह सफल होती है तो इसका संदेश पूरे देश में जाएगा.

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