वाराणसी: एक हजार की रिश्वत के लालच में फंसे पटवारी को तीन साल की कैद

Smart News Team, Last updated: Tue, 20th Oct 2020, 11:19 PM IST
  • वाराणसी की एक तहसील के पटवारी को एक हजार रुपये की रिश्वत लेना भारी पड़ गया. कोर्ट ने आरोपी लेखपाल (पटवारी) को 3 साल की कैद सुनाई है.
एक हजार की रिश्वत के लालच में फंसे पटवारी को तीन साल की कैद

वाराणसी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी में नाली की पैमाइश के नाम पर एक पटवारी ( लेखपाल) को एक हजार रुपये की रिश्वत लेनी भारी साबित हो गई. विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) लोकेश राय के कोर्ट ने आरोपी पटवारी ओमकार लाल श्रीवास्तव को दोषी पाते हुए तीन साल की कैद की सजा सुनाई. साथ ही अदालत ने लेखपाल पर 13 हजार रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया. अगर वह जुर्माना अदा नहीं करता है तो अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

गौरतलब है कि अभियोजन पक्ष से एडीजीवी रोहित मौर्य ने इस रिश्वत के मामले की पैरवी की. जानकारी के अनुसार, पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन से गाजीपुर के मरदह निवासी रमेश चंद्र शर्मा ने शिकायत की थी. शिकायत में रमेश चंद्र ने बताया था कि उसके चक के सामने नाली थी जिसपर विपक्षी ने अतिक्रमण कर लिया. 21 मई साल 2004 में रमेश ने नाली के पैमाईश के लिए उपजिलाधिकारी के यहां आवेदन दिया जहां से पैमाइश का आदेश जारी हुआ.

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जब रमेश ने पैमाइश कराने को क्षेत्र के लेखपाल ओमकार श्रीवास्तव से मिले तो पटवारी ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी. पैसे नहीं देने पर काम इनकार कर दिया. साल 2006 में रमेश ने फिर आदेश कराया. उस समय लेखपाल ने फिर रिश्वत की मांग की और एक हजार मांगे. रमेश ने भ्रष्टाचार निवारण विभाग से इस बाबत शिकायत की. विभाग ने 29 अपैल 2006 को थाना दिवस पर ही नाली के पैमाइश के नाम पर हजार रुपये रिश्वत लेते पटवारी को गिरफ्तार कर लिया था.

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