वाराणसी: इशांत शर्मा को अर्जुन अवार्ड दिए जाने पर वाराणसी में खुशी की लहर

Smart News Team, Last updated: 19/08/2020 08:17 PM IST
  • वाराणसी की नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी प्रतिमा सिंह से हुई है ईशांत की शादी अर्जुन अवार्ड के लिए घोषणा होते ही इशांत के ससुराल में खुशी की लहर नेशनल बॉस्केटबॉल टीम की कैप्टन पद्मश्री प्रशांति की बहन है प्रतिमा सिंह
गेंदबाज इशांत शर्मा को अर्जुन अवार्ड के लिए नामित (परिवार संग)

वाराणसी। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज इशांत शर्मा को अर्जुन अवार्ड के लिए नामित किए जाने पर वाराणसी में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. बनारस के लोगों ने इशांत शर्मा सहित उनके ससुराल वालों को शुभकामनाएं देनी शुरू कर दी. इस दौरान सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं का दौर चलने लगा.

बता दें कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के अभिन्न अंग माने जाने वाले इशांत शर्मा की शादी वाराणसी की नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी प्रतिमा सिंह से हुई है.

प्रतिमा सिंह की पांच बहने हैं. जिसमें बड़ी बहन पद्मश्री प्रशांति सिंह नेशनल बास्केटबॉल टीम की कैप्टन है. इशांत शर्मा के अर्जुन अवॉर्ड के नाम की घोषणा होते ही उनके ससुराल में जश्न का माहौल छा गया. उनके सास ससुर सहित साले ने उन्हें शुभकामनाएं देनी शुरू की है. इशांत के अवार्ड की घोषणा के बाद सभी ने फैमिली सेल्फी अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर कर जश्न मनाया.

प्रशांति सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इशांत का खेल बहुत ही उम्दा है जिसके लिए उन्हें प्रतिष्ठित अवार्ड दिया जा रहा है. इस अवार्ड के साथ हमारे परिवार में यह दूसरा अर्जुन अवार्ड है.

2017 में प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड प्रशांति सिंह को बास्केटबॉल के लिए दिया गया था. इस वर्ष इशांत शर्मा को यह अवार्ड दिया जा रहा है.

प्रशांति ने कहा कि सरकार यदि प्रतिभाओं को ऐसे ही सम्मानित करती रहेगी तो प्रतिभाएं कभी भी दम नहीं तोड़ेंगी. एक खिलाड़ी का जीवन भर का सपना होता है कि उसे किसी अवार्ड के लिए सम्मानित किया जाए.

प्रशांति की मां और इशांत की सास उर्मिला सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इशांत को अवार्ड मिलने से हम सबकी खुशियां दोगुनी हो गई हैं. भगवान हमेशा इशांत को ऐसे ही तरक्की दे.

उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ी अपने प्रयासों और अच्छे खेल से ही आगे बढ़ता है. इशांत ने अपने खेल की प्रतिभा के दम पर यह अवार्ड पाया है. यह भारतीय क्रिकेट टीम के सम्मान के साथ हम लोगों के लिए भी सम्मान की बात है.

 

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