वाराणसी शहर में मिलने वाले 79 गाँव ना घर के रहे ना घाट के

Smart News Team, Last updated: 30/09/2020 11:46 PM IST
  • नगर निगम की ओर से मार्च में ही शासन की ओर से सत्यापन हेतु राज्यपाल को पत्र भेजा गया. पर कोरोना काल के चलते अभी तक कार्यवाही लटकी हुई है.
 वाराणसी नगर निगम

वाराणसी: न घर के रहे न घाट के यह उक्ति वाराणसी की शहरी सीमा से सटे 79 गाँवों पर पूरी तरह चरितार्थ होती है. चार साल पहले वाराणसी नगर निगम सीमा ने शहर के चौतरफा विस्तार का प्रस्ताव मिनी सदन में पास करने के बाद शासन को भेज दिया. जिसको कैबिनेट की हरी झंडी भी मिल गई. पंचायत स्तर पर इन गांवों के सभी कार्य कराकर इन्हें छोड़ दिया जाएगा लेकिन अब तक नगर निगम प्रशासन ने इनको हैंडल करने के संदर्भ में कोई भी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया. स्थिति यह आ गयी है कि 30 सितम्बर के बाद शहरी क्षेत्र हेतु चिन्हित किये गए सभी गाँवों की दशा लावारिस सी हो जाएगी.

शहरी सीमा में शामिल होने वाले पूरब सीमा में हिरामनपुर, रुतमपुर, तिलमापुर,आशापुर व डोमरी सहित लगभग 15 गाँव, पश्चिमी सीमा के ककरमत्ता, मंडौली, पहाड़ी व चुरामनपुर सहित लगभग 18 गाँव, उत्तरी सीमा के छत्रिपुर, होलापुर, गनेशपुर व परमानंदपुर सहित लगभग 34 गाँव व दक्षिणी सीमा से लगे डाफी, छित्तूपुर व नसीरपुर सहित 13 गाँव का मामला अधर में लटकता नजर आ रहा है. तय तारीख के बाद ग्राम पंचायत स्तर से सभी कार्य कराकर इन्हें छोड़ दिया जाएगा.

जबकि अभी तक नगर निगम से भी इस संबंध में कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है. अभी तक ग्राम पंचायत स्तर से मिलने वाले जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र सहित कई अहम कागजात निकलवाने और कई तरह की समस्याएं अब इन गांवों के बाशिंदों को झेलनी होंगी. नगर निगम की ओर से मार्च में ही शासन की ओर से सत्यापन हेतु राज्यपाल को पत्र भेजा गया. पर कोरोना काल के चलते अभी तक कार्यवाही लटकी हुई है.

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अपर नगर आयुक्त देवी दयाल वर्मा ने बताया कि नोटिफिकेशन जारी करने के लिए अभी तक कोई सत्यापन पत्र नहीं मिला है. जैसे ही नोटिफिकेशन जारी होगा तो गाँवों में मूलभूत सुविधाओं का विकास शुरू हो जाएगा.

 

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