वाराणसी जिला जेल में बवाल के बाद पुलिस का एक्शन, 41 कैदियों के खिलाफ केस दर्ज

Smart News Team, Last updated: Sat, 26th Feb 2022, 3:09 PM IST
  • वाराणसी जिला जेल में शुक्रवार को हुए बवाल में पुलिस ने कार्रवाई की है. बवाल में लिप्त पाए गए 41 कैदियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. इसमें श्रवण यादव, संजय यादव, मुलायम यादव, प्रदीप यादव, पंकज यादव, सुजीत यादव व अंकित तिवारी मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं.
वाराणसी जेल में तोड़फोड़ करने पर 41 कैदियों के खिलाफ केस दर्ज

वाराणसी: जिला जेल में शुक्रवार को हुए बवाल को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है. बवाल में लिप्त पाए गए 41 कैदियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. इसमें श्रवण यादव, संजय यादव, मुलायम यादव, प्रदीप यादव, पंकज यादव, सुजीत यादव व अंकित तिवारी मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं.  जिला जेल में एक कैदी की मौत की खबर के बाद हुए बवाल में नारेबाजी के साथ तोड़फोड़ भी की गई थी. 

जेल प्रशासन ने उपद्रव करने वाले कैदियों को चिंहित कर लिया है. जानकारी के मुताबिक जेलर बीरेंद्र कुमार त्रिवेदी की तहरीर पर लालपुर-पांडेयपुर थाने में 41 नामजद और अन्य अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है. जेलर बीरेंद्र कुमार ने अपनी तहरीर में बताया कि कैदियों को भड़काने में श्रवण यादव, संजय यादव, मुलायम यादव, प्रदीप यादव, पंकज यादव, सुजीत यादव व अंकित तिवारी ने अहम भूमिका निभाई. जिसके बाद कैदी बैरक का ताला तोड़कर बाहर आ गए.

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वहीं दूसरी तरफ विनोद सिंह, अनुराग चौरसिया, संतोष यादव, रिजवान अली, विवेक उपाध्याय, विशाल, शेरे पंजाब, शकील, कासिफ, मो. इरफान उर्फ नेपाली, मिथुन गुप्ता, शुभम मिश्रा, संदीप यादव, मो. आकिब, मुकेश यादव, अमन सोनी, मनीष सिंह, सतीश पाल, सोनू साई, अंकुर, हिमांशु, घनश्याम, अरुण, अर्जुन, विशाल सिंह, अहमद दाउद, आशुतोष यादव, विकास यादव, आकाश यादव, गोलू बेटावर, प्रमोद, अजय डे, लकी यादव, छोटू तिवारी व अन्य अज्ञात ने वीसी रूम के उपकरण, सीसीटीवी, पीसीओ, एंबुलेंस में तोड़फोड़ की थी.

बता दें कि वाराणसी जिला कारागार में बैरक नंबर 3 में रहने वाले 54 साल के कैदी राजेश को दिल का दौरा पड़ने के बाद शुरु हुआ. राजेश वाराणसी के बड़ी गैबी का रहने वाला था. जेल अस्पताल के डॉक्टरों की सलाह पर राजेश को इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. जिससे गुस्साए कैदियों ने जिला कारागार में हंगामा शुरु कर दिया. कैदियों ने बंदीरक्षकों के साथ भी मारपीट की थी. कैदियों ने आरोप लगाते हुए कहा था कि जेल प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही की वजह से राजेश की मौत हुई है.

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