कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग में लगी शिक्षकों की ड्यूटी, नहीं दी गई ट्रेनिंग व सुरक्षा किट

Smart News Team, Last updated: Thu, 15th Apr 2021, 5:05 PM IST
  • कोरोना मरीजों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए शिक्षकों की कुल 22 टीमें बनाई गई है. जिसमें हर टीम में 4 से 5 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है. लेकिन इसके लिए उन्हें न ही कोई व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई है और न ही सुरक्षा किट दी गई है. इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग का कोई प्रशिक्षित कर्मचारी भी उनके साथ नहीं है.
वाराणसी: कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग में लगी शिक्षकों की ड्यूटी, नहीं दी गई ट्रेनिंग व सुरक्षा किट

वाराणसी. वाराणसी में विद्यापीठ ब्लॉक से जुड़े सरकारी स्कूल के शिक्षकों की कोरोना मरीजों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए ड्यूटी लगाई गई है. हालांकि इसके लिए उन्हें किसी तरह की ट्रेनिंग नहीं दी गई है. यहाँ तक कि स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें कोरोना किट भी नहीं दी है. जिसे लेकर शिक्षक लगातार दबी जुबां में विरोध जता रहे हैं. उनका कहना है कि बिना ट्रेनिंग के वे खुद संक्रमण से कैसे बचेंगे और लोगों को क्या समझाएंगे. वहीं विद्यापीठ ब्लॉक के विभिन्न सरकारी स्कूलों में कार्यरत 20 महिला एवं 2 पुरुष शिक्षक के संक्रमित होने से विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है.

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने विद्यापीठ ब्लॉक में कोरोना संक्रमण को देखकर कॉन्टेक्ट ट्रेंसिंग के लिए ब्लॉक स्तरीय टीम का गठन किया है. साथ ही केशरीपुर स्थित खंड शिक्षा कार्यालय के कमरे में कंट्रोल रूम बनाकर इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी बृजेश राय को दी है. बृजेश राय ने बताया कि कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की कुल 22 टीमें बनाई गई है. प्रत्येक टीम में 4 से 5 शिक्षकों की ड्यूटी लगी है. जिन्हें केवल कोरोना संक्रमितों के कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का काम दिया गया है.

वाराणसी : पूर्व प्रधान की हत्या का आरोपी इनामी हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

हालांकि शिक्षक इस फैसले का दबी जुबां में विरोध कर रहे है. उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण के लिए उन्हें व्यावहारिक ट्रेनिंग व जरूरी सुरक्षा संसाधन नहीं दिया गया है. सुरक्षा उपकरण के नाम पर कपड़े के मास्क के अलावा कोई अन्य उपकरण नहीं दिया गया है. ऐसे में वे कोरोना संक्रमण के बीच पॉजिटिव मरीजों की ट्रेसिंग कैसे करें.

कोरोना का नया स्ट्रेन बच्चों को भी बना रहा शिकार, नहीं निकलने दें घर से बाहर

शिक्षको का कहना है कि कोरोना मरीजों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के काम में उनके साथ स्वास्थ्य विभाग का कोई भी प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं है. साथ ही बिना पीपीई किट के काम करने से उन्हें संक्रमित होने का भी भय है. शिक्षकों के अनुसार उन्हें केवल एक प्रपत्र दिया गया है. जिसमें उन्हें संक्रमित मरीजों से जानकारी लेकर भरना पड़ रहा है.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए CM योगी ने टीम-11 को दिए जरूरी दिशा-निर्देश

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें